रामचरितमानस विवाद: JDU अध्यक्ष बोले- RJD देखे कि शिक्षा मंत्री का क्या करें, कुशवाहा ने कहा- इससे BJP को फायदा
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने साफ कहा है कि जदयू के लिए सभी धर्म एक समान है और वह राजद के राम या रामचरितमानस पर दिए बयान के साथ नहीं है। जदयू के संसदीय बोर्ड अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि राजद के इस स्टैंड का फायदा भाजपा को मिलेगा।
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सत्तारूढ़ जनता दल यूनाईटेड ने राम और रामचरितमानस पर शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर समेत राष्ट्रीय जनता दल के स्टैंड को सिरे से गलत करार दिया है। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने साफ कहा है कि जदयू के लिए सभी धर्म एक समान है और वह राजद के राम या रामचरितमानस पर दिए बयान के साथ नहीं है। जदयू के संसदीय बोर्ड अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि राजद के इस स्टैंड का फायदा भाजपा को मिलेगा और यह बयान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की धर्मनिरपेक्ष छवि के खिलाफ है। राजद कोटे से शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर ने रामचरितमानस के कई हिस्सों पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि यह पिछड़े वर्ग को नीच रखने का पक्षधर है। इसमें अगड़ी जातियों को बताया गया है कि वह नीच जाति और नारी जाति को अपमान के नजरिए से देखे।
ललन सिंह बोले- हम सभी धर्म ग्रंथों का सम्मान करते हैं
शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के बयान से जदयू को अलग करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। सभी धर्म के धर्म ग्रंथों का समान भाव से सम्मान करते हैं। जिस तरह की बात शिक्षा मंत्री ने की, हम लोग इसके साथ कतई नहीं हैं। इससे इत्तेफाक नहीं रखते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर राजद कोटे से हैं और राजद नेतृत्व को ही तय करना चाहिए कि इस बयान के मद्देनजर उनके साथ क्या करना है।
उपेंद्र कुशवाहा बोले- राजद भाजपा के लिए ग्राउंड तैयार कर रहा
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मीडिया को बयान दिया, जबकि उपेंद्र कुशवाहा ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राजद के इन बयानों से भाजपा को सीधा फायदा होगा। यह भाजपा के एजेंडे को आगे बढ़ाएगा। यह भाजपा की पिच पर राजद का खेलना है। मतलब, सीधा फायदा विपक्ष को है। उन्होंनेे कहा कि सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और विकास के जिस रास्ते पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार चल रहे हैं और राजद अगर उनके साथ है तो रामचरितमानस को लेकर उसके इस स्टैंड का क्या मतलब है? शीर्ष नेतृत्व को इसपर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए।
जदयू में निखिल ने सबसे पहले जताया था विरोध
मीडिया ने जब शिक्षा मंत्री के बयान के अगले दिन मुख्यमंत्री से पूछा था तो उन्होंने जानकारी नहीं होने की बात कही थी। इसके बाद से जदयू के स्टैंड को लेकर सवाल उठ रहा था। इसका जवाब जदयू की ओर से सबसे पहले पूर्व प्रवक्ता निखिल मंडल ने दिया था। उन्होंने उसी दिन शिक्षा मंत्री से मांग की थी कि वह इस बयान के लिए माफी मांगें, लेकिन इससे उलट राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने भी शिक्षा मंत्री की बात का समर्थन कर दिया। जगदानंद ने पहले राम मंदिर को लेकर बयान दिया था कि अब कण-कण के राम पत्थरों की चारदीवारी में कैद होने जा रहे हैं। शनिवार को जदयू के विधान पार्षद और पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर के बयान का जवाब देने के लिए महावीर मंदिर में रामचरितमानस का पाठ भी किया।