नीतीश कुमार को लेकर सियासी हलचल तेज: पप्पू यादव का भाजपा पर हमला, निशांत को मुख्यमंत्री बनाने का दिया सुझाव
नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजे जाने की चर्चाओं के बीच पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने भाजपा पर सहयोगियों को धोखा देने का आरोप लगाते हुए बिहार के प्रमुख नेताओं से एकजुट रहने को कहा है।
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बिहार की सियासत में हालिया बदलाव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर धोखेबाजी का आरोप लगाया है।
सांसद पप्पू यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए भाजपा की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने लिखा कि जो पार्टी खुद को हिंदू धर्म की ठेकेदार बताती है, उसी ने होली जैसे पावन पर्व के मौके पर अपने सबसे पुराने और भरोसेमंद सहयोगी नीतीश कुमार को ही धोखा दे दिया।
'भाजपा अपनों की पीठ में छुरा घोंप है'
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जहां होली के अवसर पर पराए भी अपने हो जाते हैं, वहीं भाजपा अपनों की पीठ में छुरा घोंपकर उन्हें पराया बना देती है। पप्पू यादव ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को भी आगाह करते हुए कहा कि जो लोग नीतीश कुमार के खिलाफ साजिश रच सकते हैं, वे भविष्य में उनके लिए भी जाल बिछा सकते हैं, इसलिए उन्हें समय रहते सतर्क हो जाना चाहिए।
'सभी नेताओं को एकजुट होना चाहिए'
एक अन्य पोस्ट में पप्पू यादव ने बिहार के प्रमुख नेताओं लालू प्रसाद यादव, जीतन राम मांझी, चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा से भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार को भाजपा का चरागाह बनने से बचाने के लिए इन सभी नेताओं को एकजुट होना चाहिए।
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सांसद ने एक चौंकाने वाला प्रस्ताव रखते हुए कहा कि सभी नेता मिलकर निशांत कुमार को बिना शर्त समर्थन देकर बिहार का मुख्यमंत्री बना दें। उन्होंने कहा कि अगर सभी नेता एकजुट होकर भाजपा के लिए बिहार के दरवाजे बंद कर देते हैं तो वे इतिहास में अमर हो जाएंगे और बिहारी स्वाभिमान के प्रतीक बनेंगे।
पप्पू यादव के इन बयानों के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। जहां एनडीए खेमे में हलचल देखी जा रही है, वहीं विपक्षी दल इसे भाजपा की घेराबंदी के तौर पर देख रहे हैं। मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद नीतीश कुमार की अगली राजनीतिक भूमिका और पप्पू यादव के इस ‘निशांत कार्ड’ पर अब सबकी नजरें टिकी हुई हैं।