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पूर्णिया: बेटी ने प्रेम विवाह किया तो भाई और पिता ने मरा मानकर किया श्राद्ध, बोले- उसके साथ कोई रिश्ता नहीं
Fri, 30 Oct 2026 02:24 PM IST
पूर्णिया ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
Published by: पूर्णिया ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2026 02:24 PM IST
सार
दूसरी जाति के युवक से शादी करने पर पिता और भाई ने बेटी को मृत मानकर उसका श्राद्ध कर्म कर दिया। पिता का कहना है कि अब बेटी से उनका कोई रिश्ता नहीं है। वहीं बेटी ने बताया कि परिवार की सहमति नहीं मिलने पर उन्होंने शादी का फैसला लिया।
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दूसरी जाति में शादी की तो बेटी को मृत मानकर किया श्राद्ध
विस्तार
कटिहार में प्रेम विवाह से नाराज एक परिवार ने ऐसा कदम उठाया, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। घरवालों की मर्जी के खिलाफ दूसरी जाति के युवक से शादी करना बेटी को इतना भारी पड़ा कि पिता और भाई ने उसे जीते-जी मृत मान लिया। परिवार ने बेटी का श्राद्ध कर्म कर भविष्य में उससे कोई रिश्ता नहीं रखने का फैसला कर लिया है।
मामला कदवा थाना क्षेत्र के निझरा गांव का बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि गांव के श्याम ठाकुर की बेटी ने परिवार की रजामंदी के बिना पहलागढ़ गांव के रहने वाले अजय पासवान से प्रेम विवाह कर लिया। अजय पासवान मुखिया प्रतिनिधि मुन्ना पासवान के पुत्र बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि बेटी के इस फैसले से उसके घरवाले बेहद नाराज हैं। परिवार की नाराजगी इस कदर बढ़ गई कि उन्होंने बेटी को अपने परिवार से अलग मानते हुए उसका श्राद्ध कर्म कर दिया। साथ ही भविष्य में उससे किसी तरह का संबंध नहीं रखने की बात भी कही जा रही है। एक तरफ बेटी ने अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनकर नई जिंदगी शुरू करने का फैसला किया तो दूसरी तरफ उसके इस कदम से नाराज परिवार ने उससे नाता तोड़ने का रास्ता चुन लिया। इस घटनाक्रम ने गांव में नई चर्चा छेड़ दी है।
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ये भी पढ़ें: बिहार: भाजपा के वरिष्ठ नेता और SIS ग्रुप के संस्थापक डॉ. आरके सिन्हा का निधन, नोएडा में ली अंतिम सांस
पिता श्याम ठाकुर का कहना है कि मेरी बेटी दूसरे के साथ भाग गई और मेरा प्रतिष्ठा का तार-तार कर दिया। इसलिए मेरे लिए वो मर गई, मैंने उसका अंतिम संस्कार करके और पिंड दान कर दिया। वहीं बेटी सेजल का कहना है कि मैं और अजय 11 साल से एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में हैं। हमने अपने घरवालों को शादी के लिए राजी करने की बहुत कोशिश की लेकिन नहीं मानने पर हमें यह कदम उठाना पड़ा। सेजल ने कहा कि मैं अपने पति के साथ खुश हूं और कोई मेरा अपहरण नहीं किया गया है।
बहरहाल इस मामले को लेकर इलाके में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। प्रेम विवाह के बाद परिवार की ओर से उठाए गए इस कदम ने सामाजिक परंपराओं, जातिगत बंधनों और व्यक्तिगत फैसलों को लेकर बहस छेड़ दी है।
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मामला कदवा थाना क्षेत्र के निझरा गांव का बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि गांव के श्याम ठाकुर की बेटी ने परिवार की रजामंदी के बिना पहलागढ़ गांव के रहने वाले अजय पासवान से प्रेम विवाह कर लिया। अजय पासवान मुखिया प्रतिनिधि मुन्ना पासवान के पुत्र बताए जा रहे हैं।
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बताया जा रहा है कि बेटी के इस फैसले से उसके घरवाले बेहद नाराज हैं। परिवार की नाराजगी इस कदर बढ़ गई कि उन्होंने बेटी को अपने परिवार से अलग मानते हुए उसका श्राद्ध कर्म कर दिया। साथ ही भविष्य में उससे किसी तरह का संबंध नहीं रखने की बात भी कही जा रही है। एक तरफ बेटी ने अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनकर नई जिंदगी शुरू करने का फैसला किया तो दूसरी तरफ उसके इस कदम से नाराज परिवार ने उससे नाता तोड़ने का रास्ता चुन लिया। इस घटनाक्रम ने गांव में नई चर्चा छेड़ दी है।
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पिता श्याम ठाकुर का कहना है कि मेरी बेटी दूसरे के साथ भाग गई और मेरा प्रतिष्ठा का तार-तार कर दिया। इसलिए मेरे लिए वो मर गई, मैंने उसका अंतिम संस्कार करके और पिंड दान कर दिया। वहीं बेटी सेजल का कहना है कि मैं और अजय 11 साल से एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में हैं। हमने अपने घरवालों को शादी के लिए राजी करने की बहुत कोशिश की लेकिन नहीं मानने पर हमें यह कदम उठाना पड़ा। सेजल ने कहा कि मैं अपने पति के साथ खुश हूं और कोई मेरा अपहरण नहीं किया गया है।
बहरहाल इस मामले को लेकर इलाके में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। प्रेम विवाह के बाद परिवार की ओर से उठाए गए इस कदम ने सामाजिक परंपराओं, जातिगत बंधनों और व्यक्तिगत फैसलों को लेकर बहस छेड़ दी है।

दूसरी जाति में शादी की तो बेटी को मान लिया मृत, पिता और भाई ने जिंदा रहते कर दिया श्राद्ध

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