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Bihar News: होली की रौनक फीकी! नेपाल चुनाव के चलते सीमा सील, बाजारों में खामोशी
Fri, 27 Feb 2026 10:25 PM IST
पूर्णिया ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अररिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अररिया
Published by: पूर्णिया ब्यूरो
Updated Fri, 27 Feb 2026 10:25 PM IST
सार
जोगबनी (अररिया) में इस बार होली का उत्सव कम धूमधाम वाला रहेगा। नेपाल में 5 मार्च को होने वाले चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने 2 मार्च की रात से सीमा सील कर दी है, जो 5 मार्च तक प्रभावी रहेगी।
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भारत नेपाल जोगबनी बॉर्डर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारत-नेपाल के सीमावर्ती शहर जोगबनी में इस बार होली का उत्सव कम धूमधाम वाला नजर आ सकता है। वजह है नेपाल में 5 मार्च 2026 को होने वाला चुनाव। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने भारत-नेपाल सीमा को मतदान से 72 घंटे पहले सील करने का फैसला किया है।
सीमा 2 मार्च की रात से सील, 6 मार्च से आवागमन सामान्य
प्रशासनिक आदेश के मुताबिक, जोगबनी सीमा 2 मार्च की रात से सील कर दी जाएगी, और यह सील 5 मार्च की रात तक प्रभावी रहेगी। 6 मार्च से दोनों देशों के बीच आवागमन फिर से सामान्य हो जाएगा। वहीं, होली इस साल 3 और 4 मार्च को मनाई जाएगी। इसका सीधा असर वर्षों से चली आ रही सीमा पार की सांस्कृतिक भागीदारी पर पड़ेगा।
सीमा पार का त्योहार: सिर्फ रंग नहीं, रिश्तों का प्रतीक
सीमावर्ती इलाकों में होली केवल एक त्योहार नहीं है। यह भारत और नेपाल के लोगों के बीच रोटी-बेटी के संबंध और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक भी रही है। हर साल नेपाल के नागरिक बड़ी संख्या में जोगबनी बाजार पहुंचकर किराना, मिठाई, अबीर-गुलाल, रंग, पिचकारी, बच्चों के मुखौटे और अन्य पर्व सामग्री की खरीदारी करते हैं। इस बार सीमा बंद रहने की वजह से बाजारों की रौनक कम होने की संभावना जताई जा रही है।
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व्यापारियों में चिंता, छोटे दुकानदार प्रभावित
स्थानीय व्यापारियों, खासकर फुटकर विक्रेताओं और अस्थायी दुकान लगाने वाले छोटे कारोबारियों में चिंता देखी जा रही है। होली की गंजी, रंग-बिरंगे कपड़े, टोपी और अन्य सामग्री बेचने वाले दुकानदार इस बार व्यापार में गिरावट की आशंका जता रहे हैं।
प्रशासन ने बताया जरूरी कदम
प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक है। अब देखना होगा कि सीमा सील के बीच सीमावर्ती इलाकों में होली का उत्साह किस तरह दिखाई देता है और बाजारों पर इसका असर कितना पड़ता है।
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सीमा 2 मार्च की रात से सील, 6 मार्च से आवागमन सामान्य
प्रशासनिक आदेश के मुताबिक, जोगबनी सीमा 2 मार्च की रात से सील कर दी जाएगी, और यह सील 5 मार्च की रात तक प्रभावी रहेगी। 6 मार्च से दोनों देशों के बीच आवागमन फिर से सामान्य हो जाएगा। वहीं, होली इस साल 3 और 4 मार्च को मनाई जाएगी। इसका सीधा असर वर्षों से चली आ रही सीमा पार की सांस्कृतिक भागीदारी पर पड़ेगा।
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सीमा पार का त्योहार: सिर्फ रंग नहीं, रिश्तों का प्रतीक
सीमावर्ती इलाकों में होली केवल एक त्योहार नहीं है। यह भारत और नेपाल के लोगों के बीच रोटी-बेटी के संबंध और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक भी रही है। हर साल नेपाल के नागरिक बड़ी संख्या में जोगबनी बाजार पहुंचकर किराना, मिठाई, अबीर-गुलाल, रंग, पिचकारी, बच्चों के मुखौटे और अन्य पर्व सामग्री की खरीदारी करते हैं। इस बार सीमा बंद रहने की वजह से बाजारों की रौनक कम होने की संभावना जताई जा रही है।
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व्यापारियों में चिंता, छोटे दुकानदार प्रभावित
स्थानीय व्यापारियों, खासकर फुटकर विक्रेताओं और अस्थायी दुकान लगाने वाले छोटे कारोबारियों में चिंता देखी जा रही है। होली की गंजी, रंग-बिरंगे कपड़े, टोपी और अन्य सामग्री बेचने वाले दुकानदार इस बार व्यापार में गिरावट की आशंका जता रहे हैं।
प्रशासन ने बताया जरूरी कदम
प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक है। अब देखना होगा कि सीमा सील के बीच सीमावर्ती इलाकों में होली का उत्साह किस तरह दिखाई देता है और बाजारों पर इसका असर कितना पड़ता है।