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Bihar News: पूर्णिया के लाल प्रकाश बने लेफ्टिनेंट, 2008 में बतौर सिपाही के पद पर थल सेना में हुए थे भर्ती
Mon, 23 Dec 2024 08:59 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Mon, 23 Dec 2024 08:59 PM IST
सार
Purnea News: लेफ्टिनेंट प्रकाश ने कहा कि सेना में अफसर बनना मेरे लिए गौरव की बात है। देश की सेवा और सुरक्षा मेरी प्राथमिकता है। मैं युवाओं को यह संदेश देना चाहता हूं कि कड़ी मेहनत और धैर्य से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
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पूर्णिया के प्रकाश कुमार बने लेफ्टिनेंट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पूर्णिया के मधुबनी निवासी प्रकाश कुमार ने सिपाही से लेफ्टिनेंट बनने का गौरव हासिल कर यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से हर सपना साकार हो सकता है। 2008 में भारतीय थल सेना में सिपाही के पद पर भर्ती हुए प्रकाश ने 14 नवंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों लेफ्टिनेंट का पदभार ग्रहण किया। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है।
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बचपन से था अफसर बनने का सपना
कृष्णापुरी यादव टोला मधुबनी के रहने वाले किसान के बेटे प्रकाश ने बचपन में ही सेना में अफसर बनने का सपना देखा था। हालांकि, शुरुआत उन्होंने सिपाही के पद से की। अपनी पहली पोस्टिंग 21 अप्रैल 2008 को कटिहार में प्राप्त करने के बाद भी उन्होंने अपने सपनों को जिंदा रखा। प्रकाश ने बताया कि सेना में सेवा देने के दौरान भी मैंने अपने करियर पर फोकस बनाए रखा। नौकरी के साथ-साथ ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। फिर यूपीएससी के माध्यम से लेफ्टिनेंट बनने का प्रयास जारी रखा। दो बार असफल रहा, लेकिन हार नहीं मानी।
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पढ़ाई और ट्रेनिंग ने बनाया सक्षम अफसर
प्रकाश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा 2004 में मां काली उच्च विद्यालय से पूरी की और पूर्णिया कॉलेज से 2006 में 11वीं की पढ़ाई (साइंस) की। सेना में रहते हुए उन्होंने कोटा से पोस्ट ग्रेजुएशन किया और लगातार लेफ्टिनेंट बनने की तैयारी में जुटे रहे। उनकी ट्रेनिंग इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA), देहरादून में हुई। उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान उन्हें कई तरह के अनुभव और एक्सपोज़र मिले, जो उनके भविष्य के कार्यों में सहायक होंगे।
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परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल
प्रकाश की इस सफलता पर उनके परिवार और पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। उनकी मां बिजली देवी ने भावुक होकर कहा कि बेटे ने हमारा सपना पूरा किया है। मैंने अपने लाल को भारत माता को सौंप दिया है। स्थानीय नगर निगम महापौर विभा कुमारी और पूर्व वार्ड पार्षद पंकज यादव समेत क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्तियों ने प्रकाश को बधाई दी। आस-पड़ोस के लोग भी उनके घर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने प्रकाश कुमार
लेफ्टिनेंट प्रकाश ने कहा कि सेना में अफसर बनना मेरे लिए गौरव की बात है। देश की सेवा और सुरक्षा मेरी प्राथमिकता है। मैं युवाओं को यह संदेश देना चाहता हूं कि कड़ी मेहनत और धैर्य से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।