{"_id":"692cfc0ae8fcfc7ab70e3007","slug":"bihar-missing-in-charge-chief-tapesh-pathak-recovered-from-forbesganj-2025-12-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar: लापता प्रभारी मुखिया तपेश पाठक फारबिसगंज से बरामद, वीडियो में बोले- अपहरण नहीं, स्वेच्छा से भाग गया था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar: लापता प्रभारी मुखिया तपेश पाठक फारबिसगंज से बरामद, वीडियो में बोले- अपहरण नहीं, स्वेच्छा से भाग गया था
Mon, 01 Dec 2025 07:53 AM IST
पूर्णिया ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
Published by: पूर्णिया ब्यूरो
Updated Mon, 01 Dec 2025 07:53 AM IST
सार
Bihar: बरामद होने से कुछ समय पूर्व तपेश कुमार पाठक ने एक वीडियो भी जारी कर मामले को नया मोड़ दे दिया था। इस वीडियो में वह अररिया जिले के फारबिसगंज में होने की बात करते हुए स्पष्ट कह रहे थे कि मेरा किसी ने अपहरण नहीं किया।
विज्ञापन
मुखिया
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शुक्रवार की देर शाम से रहस्यमय ढंग से गायब चल रहे बीकोठी थाना क्षेत्र के औराही पंचायत के प्रभारी मुखिया तपेश कुमार पाठक को पुलिस ने पूर्णिया जंक्शन से सकुशल बरामद कर लिया। उनकी बरामदगी ने परिजनों द्वारा लगाए गए अपहरण के गंभीर आरोपों पर पूरी तरह से विराम लगा दिया है।सदर थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष जमील अख्तर ने बताया कि मुखिया को फारबिसगंज से पूर्णिया लौटने के क्रम में बरामद किया गया। फिलहाल तपेश पाठक पुलिस निगरानी में हैं और सदर एसडीपीओ वन ज्योति शंकर द्वारा उनसे लंबी पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन
बरामद होने से कुछ समय पूर्व तपेश कुमार पाठक ने एक वीडियो भी जारी कर मामले को नया मोड़ दे दिया था। इस वीडियो में वह अररिया जिले के फारबिसगंज में होने की बात करते हुए स्पष्ट कह रहे थे। मेरा किसी ने अपहरण नहीं किया। मैं स्वेच्छा से, बिना किसी को बताए, घर से निकल गया था। उन्होंने बताया कि वह पूर्णिया से भागलपुर, मुंगेर, जमालपुर होते हुए किशनगंज पहुँचे और फिर फारबिसगंज आकर एक होटल में ठहरे थे।
विज्ञापन
पढ़ें: धान कटे खेत में 60 वर्षीय अधेड़ का शव मिलने से सनसनी, हत्या की जताई गई आशंका
विज्ञापन
उन्होंने यह भी बताया कि फारबिसगंज से ही उन्होंने अपने परिजनों को सूचित कर दिया था।पुलिस के लिए अब यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि आपराधिक मामलों के आरोपी मुखिया ने अपनी स्वेच्छा से किन कारणों से यह कदम उठाया, जबकि उनके लापता होने के बाद उनके नाम पर आठ लोगों पर अपहरण का मामला दर्ज कराया गया था। एसडीपीओ की पूछताछ के बाद ही इस पूरे घटनाक्रम की गुत्थी सुलझने की उम्मीद है।