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देख लो सरकार: कटिहार के बच्चों की टिन शेड में शिक्षा, भीषण गर्मी में तपिश से जूझ रहे नौनिहाल; हाल-बेहाल

Sat, 19 Jul 2025 01:23 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटिहार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटिहार Published by: शबाहत हुसैन Updated Sat, 19 Jul 2025 01:23 PM IST
सार

Bihar: एक शेड के नीचे कक्षा 1 और 2 के बच्चों को पढ़ाया जाता है, जबकि दूसरे शेड में कक्षा 3 से 5 के बच्चे बैठते हैं। 40 से 45 डिग्री तापमान में गर्म टिन की छत के नीचे बच्चे पसीने से तरबतर रहते हैं।

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Bihar Katihar School Kids Study Under Tin Shed Struggle in Extreme Heatwaves
टिन शेड में पढ़ते बच्चे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कटिहार शहर के सिरसा इलाके की न्यू कॉलोनी गौशाला में स्थित एक प्राथमिक विद्यालय की बदहाल स्थिति शिक्षा व्यवस्था की सच्चाई को उजागर करती है। पिछले 10 वर्षों से यह सरकारी विद्यालय टिन शेड के नीचे संचालित हो रहा है, जहां 135 छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और आठ शिक्षक-शिक्षिकाएं तैनात हैं।

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विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच यह स्कूल बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। न पक्की बिल्डिंग है, न बिजली की सुविधा, और न ही पंखे लगे हैं। गर्मी के इस मौसम में टिन की छत के नीचे पढ़ाई करना बच्चों के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं है।

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एक शेड के नीचे कक्षा 1 और 2 के बच्चों को पढ़ाया जाता है, जबकि दूसरे शेड में कक्षा 3 से 5 के बच्चे बैठते हैं। 40 से 45 डिग्री तापमान में गर्म टिन की छत के नीचे बच्चे पसीने से तरबतर रहते हैं। बारिश के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है। टपकती छत और कीचड़ भरा परिसर शिक्षा में और बाधा डालता है।

प्रभारी प्रधानाध्यापिका उषा देवी बताती हैं कि स्कूल के लिए भवन निर्माण का प्रस्ताव काफी पहले आया था, लेकिन जमीन से जुड़े विवाद की वजह से निर्माण रुका हुआ है। यह जमीन ‘लाल कार्ड’ श्रेणी में आती है, जिससे मामला कानूनी पेच में फंसा हुआ है। हालांकि, उनके अनुसार जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग लगातार प्रयास कर रहे हैं। बच्चों का दर्द भी झलकता है। छात्राओं ने बताया कि गर्मी में बैठना मुश्किल हो जाता है, बारिश हो जाए तो सब भीग जाते हैं। एक छात्रा ने कहा कि स्कूल जेल जैसा लगता है, पढ़ने का मन नहीं करता।

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