मोदी की 'लहर' बनाने वाले ने छोड़ा उनका साथ
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लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा की चाय पर चर्चा और थ्रीडी अभियान ने खूब चर्चा बटोरी थी। मोदी की ऐतिहासिक जीत में इनका अहम योगदान माना जा रहा था।
इन विचारों को रचने वाले प्रशांत किशोर बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए काम कर सकते हैं। हालांकि किशोर का कहना है कि वह काम से एक साल की छुट्टी ले रहे हैं।
इस बारे में जब किशोर से सवाल किया गया तो उन्होंने बस इतना कहा कि वह जिस तरीके का काम करते हैं, उसमें पहुंच होना स्वाभाविक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह मोदी से जुड़े थे न कि भाजपा से।
प्रचार टीम का प्रमुख हिस्सा थे किशोर
किशोर ने नीतीश के लिए काम करने के बारे में जाहिर तौर पर कुछ भी नहीं कहा। वैसे जनता दल यूनाइटेड की तरफ से इस तरह के संकेत मिल रहे हैं। जदयू सांसद और मुख्यमंत्री के सलाहकार पवन वर्मा का कहना है कि किशोर नीतीश के लिए काम करेंगे।
वह जब भी आएंगे, उनका स्वागत किया जाएगा। उन्होंने नीतीश जैसे नेता के साथ काम करने की इच्छा जताई थी। किशोर संयुक्त राष्ट्र में स्वास्थ्य विशेषज्ञ के तौर पर काम करते थे।
2011 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी और मोदी के अभियान पर काम करने वाली टीम के साथ आ जुड़े। लोकसभा चुनाव प्रचार में भाजपा ने कई नए प्रयोग किए और बहुत से लोग इसका श्रेय किशोर को देते हैं।