फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Prashant Kishor pc Today Bihar Politics, says, there is need of new thinking for bihar development

पीके का मिशन बिहार: नई पार्टी बनाने पर प्रशांत किशोर ने दिया जवाब, करेंगे 3000 किलोमीटर की पदयात्रा

Thu, 05 May 2022 11:25 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: संजीव कुमार झा Updated Thu, 05 May 2022 11:25 AM IST
सार

Prashant Kishor News:चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कहा कि फिलहाल कोई राजनीतिक पार्टी बनाने नहीं जा रहा हूं लेकिन मैं 17 हजार लोगों से बात करूंगा। अगर इस स्थिति में सभी लोग पार्टी बनाने के लिए तैयार होते हैं तो फिर पार्टी बनाने पर विचार किया जाएगा।

विज्ञापन
Prashant Kishor pc Today Bihar Politics, says, there is need of new thinking for bihar development
प्रशांत किशोर - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर राजनीति में आएंगे या नहीं, इसे लेकर आज खुद उन्होंने प्रेस वार्ता कर स्थिति को स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई राजनीतिक पार्टी बनाने नहीं जा रहा हूं लेकिन मैं 17 हजार लोगों से बात करूंगा। अगर इस स्थिति में सभी लोग पार्टी बनाने के लिए तैयार होते हैं तो फिर पार्टी बनाने पर विचार किया जाएगा लेकिन वह पार्टी सिर्फ मेरी नहीं होगी बल्कि उन सभी लोगों की होगी जो इसमें योगदान करेंगे। कदम से कदम मिलाकर साथ चलेंगे। इसके अलावा प्रशांत किशोर ने दो अक्तूबर से बिहार के पश्चिमी चंपारण से 3,000 किलोमीटर की 'पदयात्रा' की भी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि बिहार में फिलहाल चुनाव नहीं इसलिए अभी पार्टी बनाने पर कोई बात नहीं होगी। मैं अगले तीन-चार साल तक बिहार के लोगों तक पहुंचने में लगाऊंगा। पीके ने कहा कि वे जन सुराज के लिए गांव-देहात जाएंगे और एक-एक लोग से संपर्क करेंगे।

विज्ञापन


लालू और नीतीश के लंबे शासन के बावजूद बिहार पिछड़ा राज्य
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार आज 30 साल के लालू और नीतीश के राज के बाद भी देश का सबसे पिछड़ा और गरीब राज्य है। विकास के कई मानकों पर बिहार आज भी देश के सबसे निचले पायदान पर है। बिहार अगर आने वाले समय में अग्रणी राज्यों की सूची में आना चाहता है तो इसके लिए नई सोच और नए प्रयास की जरूरत है। 
विज्ञापन


जिन रास्तों पर बिहार चल रहा उससे अग्रणी की श्रेणी में नहीं आ सकते
प्रशांत किशोर ने कहा कि आने वाले 10 से 15 सालों में अगर बिहार में बदलाव लाना है तो जिन रास्तों पर बिहार चल रहा है उससे नहीं पहुंच सकते हैं। इसके लिए नई सोच और नए प्रयास की जरूरत है। कोई भी व्यक्ति यह दावा नहीं कर सकता है कि यह सोच और नई प्रयास की क्षमता किसी एक व्यक्ति के पास है। बिहार के प्रत्येक नागरिक को आगे आने की जरूरत है तभी जाकर प्रदेश की स्थिति सुधरेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


मेरी टीम ने करीब 17 हजार 500 लोगों को चिन्हित किया 
मेरी टीम ने करीब 17 हजार 500 लोगों को चिन्हित किया है, जिनसे में मिलने वाला हूं। जन-सुराज (गुड गवर्नेंस) की जो सोच है उसको जमीन पर लाने पर बात होगी। पिछले तीन दिनों में 150 लोगों के साथ बैठक कर चुका हूं। 


कास्ट पॉलिटिक्स पर भी दिया जवाब
पीके ने कहा कि कई लोगों का मानना है कि बिहार में केवल जाति के आधार पर वोट मिलता है। मैं जाति नहीं बल्कि समाज के सभी लोगों को जोड़ने की कोशिश कर रहा हूं। मैं कोरोना के खत्म होने का इंतजार कर रहा था ताकि किसी नई योजना पर काम कर सकूं। अगर मैं कोरोना के दौरान यात्रा की शुरुआत करता तो लोग मुझपर सवाल खड़ा करते।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed