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परिषद की रिपोर्ट पर बिहार में राजनीतिक घमासान
पटना/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 14 Feb 2013 12:31 PM IST
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बिहार में समाचार पत्रों पर सराकरी दबाव के संबंध में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की रिपोर्ट पर राज्य में राजनीतिक बहस छिड़ गई है। सत्तापक्ष जहां रिपोर्ट की आलोचना कर रहा है वहीं विपक्ष को सरकार पर हल्लाबोलने का एक और मौका मिल गया है।
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राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान, कांग्रेस प्रभारी गुलचैन सिंह चरका, भाकपा और नवनिर्माण मंच के उपेंद्र कुशवाहा ने रिपोर्ट को लेकर सरकार के समक्ष सवाल खड़े कर दिये हैं।
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सरकार के लिये शर्मनाक है : लालू यादव
रिपोर्ट के संबंध में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कहा कि प्रेस परिषद की रिपोर्ट नीतीश सरकार के लिये शर्मनाक है। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रिंट मीडिया के संवाददाताओं व उनकी रिपोर्ट को किस प्रकार दबाया या छिपाया गया है। ऐसी स्थिति लोकतंत्र के लिये विस्फोटक है।
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प्रेस पर है सेंसरशिप : चारक
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी गुलचैन सिंह चारक ने कहा कि कांग्रेस रिपोर्ट से पूरी तरह सहमत है। कांग्रेस की शिकायत के बाद ही प्रसे काउंसिल ने जांच करायी है। बिहार सरकार की प्रेस पर अघोषित सेंसरशिप लागू है।
हम आंदोलन करेंगे : रामविलास
लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान ने कहा है कि वह प्रेस की स्वतंत्रता और निष्पक्षता के लिये आंदोलन करेंगे। लोजपा पीसीआई रिपोर्ट को गंभीरता से ले रही है। पार्टी एक-दो दिनों में बातचीत करके आंदोलन का मुद्दा बनायेगी।
भाजपा ने की रिपोर्ट की आलोचना
भाजपा ने रिपोर्ट की आलोचना की और वरिष्ठ नेता और पशु व मत्स्य संसाधन मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार में मीडिया पर कोई दबाव और सेंसरशिप नहीं है। जहां तक काटजू साहब की रिपोर्ट की बात है, तो वे बराबर सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं। वहीं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि बिहार में मीडिया स्वतंत्र है।
जदयू ने रिपोर्ट को कहा सच्चाई से परे
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि रिपोर्ट पूरी तरह सच्चाई से परे है। जस्टिस काटजू राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहे हैं। इस संबंध में जदयू सांसद अली अनवर ने कहा कि बिहार के पत्रकार प्रभाष जोशी व राजेंद्र माथुर की पीढ़ी के लोग हैं। वे किसी के दबाव में नहीं आनेवाले। उन्होंन कहा कि काटजू साहब ऐसे जज हैं, जो न साक्ष्य देखते हैं और न ही गवाहों की कुछ सुनते हैं। खुद ही केस लेते हैं और फैसला सुना देते हैं।
पत्रकारिता का गला घोंटा : भाकपा
भाकपा के राज्य सचिव राजेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि भारतीय प्रेस परिषद ने नीतीश सरकार की पोल खोल दी है। परिषद की जांच रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि बिहार सरकार ने विज्ञापन को औजार बना कर स्वतंत्र व निष्पक्ष पत्रकारिता का गला घोंट दिया है।
मुख्यमंत्री इस्तीफा दें : उपेंद्र कुशवाहा
वहीं बिहार नवनिर्माण मंच की ओर से पूर्व सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार को नैतिकता के अधार पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिये। वे प्रेस काउंसिल की रिपोर्ट को लेकर शुक्रवार को कारगिल चौक पर धरना देंगे। धरने में कई नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे।