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Amitabh Bachchan : नालंदा के उदय सिंह की बायोपिक मूवी 'द लिपिस्टिक ब्वॉय' का इंतजार कर रहे बिहार के लोग
Thu, 16 Mar 2023 06:29 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
Published by: आदित्य आनंद
Updated Thu, 16 Mar 2023 06:29 PM IST
सार
Bihar : 24 मार्च का दिन नालंदावासियों के लिए ऐतिहासिक दिन होगा। नालंदा ही नहीं शायद पूरे बिहार के लोगों के लिए यह पहला मौका होगा जब इस सदी के सबसे बड़े महानायक अमिताभ बच्चन किसी के जीवन पर आधारित फिल्म में काम कर रहे हैं।
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रंगकर्मी कुमार उदय सिंह के जीवन पर आधारित फिल्म ' द लिपिस्टिक ब्यॉय' 24 मार्च को रिलीज होगी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
24 मार्च का दिन नालंदावासियों के लिए ऐतिहासिक दिन होगा। नालंदा ही नहीं शायद पूरे बिहार के लोगों के लिए यह पहला मौका होगा जब इस सदी के सबसे बड़े महानायक अमिताभ बच्चन किसी के जीवन पर आधारित फिल्म में काम कर रहे हैं। रहुई प्रखंड के दोसुत गांव के रहने वाले नंद लाल यादव के पुत्र कुमार उदय सिंह महिला के रूप में पिछले 31 वर्षों से नाच रहे हैं। रंगकर्मी कुमार उदय सिंह के जीवन पर आधारित फिल्म ' द लिपिस्टिक ब्यॉय' में महानायक अमिताभ बच्चन के अलावा कई दिग्गज कलाकारों ने काम किया है।
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पटना के मोना सिनेमा हॉल में हर दिन एक शो
यह फिल्म 24 मार्च को रिलीज होगी, उसके पटना के मोना सिनेमा हॉल में हर दिन एक शो 12 से 3 बजे तक चलेगी। 'द लिपिस्टिक ब्यॉय' फ़िल्म में नर्तकों के जीवन संघर्ष को दिखाया गया है। लोक कला में विश्व प्रसिद्ध हुए भिखारी ठाकुर व कुमार उदय सिंह के जीवन पर बनी इस फ़िल्म में विशेष रूप से यह दिखलाने का प्रयास किया गया है कि एक मर्द को महिला के रूप में नाचने पर उनके घर-परिवारों के बीच किस प्रकार के सवालों से गुजरना पड़ता है। समाज के लोग उन्हें किस निगाह से देखते हैं और उन्हें कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
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बिहार दिवस के अवसर पर आयोजित हो रही है फिल्म फेस्टिवल।
- फोटो : अमर उजाला
ऐतिहासिक व सांस्कृतिक झलकियां दिखाई गई हैं
महानायक अमिताभ बच्चन के रॉल में इस बायोपिक में एक आम आदमी से रंगकर्मी बनने तक कि कहानी है। इस साथ ही इस फ़िल्म में परिवारक दूरियां, वर्षों के संघर्ष के साथ ही लोक नृत्य और ऐतिहासिक व सांस्कृतिक झलकियां दिखाई गई हैं। इसके अलावा इस फ़िल्म में बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों के लोक नृत्य (लौंडा नाच) देखने को मिलेगा। नालंदा के दोसुत गांव निवासी कुमार उदय सिंह को लोक नृत्य ( लौंडा नाच) दिखलाने के लिए न केवल बिहार और भारत बल्कि मारिशश सरकार द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है।
महानायक अमिताभ बच्चन के रॉल में इस बायोपिक में एक आम आदमी से रंगकर्मी बनने तक कि कहानी है। इस साथ ही इस फ़िल्म में परिवारक दूरियां, वर्षों के संघर्ष के साथ ही लोक नृत्य और ऐतिहासिक व सांस्कृतिक झलकियां दिखाई गई हैं। इसके अलावा इस फ़िल्म में बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों के लोक नृत्य (लौंडा नाच) देखने को मिलेगा। नालंदा के दोसुत गांव निवासी कुमार उदय सिंह को लोक नृत्य ( लौंडा नाच) दिखलाने के लिए न केवल बिहार और भारत बल्कि मारिशश सरकार द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है।