बिहार: गंगा का रौद्र रूप: मुंगेर में कहां तेज है कटाव? आबादी से महज 60 फीट दूर पहुंची नदी
मुंगेर के गंगा पार दियारा क्षेत्र स्थित जाफरनगर पंचायत में गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ कटाव तेज हो गया है। वार्ड 4 और 5 में नदी अब आबादी से महज करीब 60 फीट दूर रह गई है, जिससे ग्रामीणों में दहशत है और लोग जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे हैं।
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गंगा के बढ़ते जलस्तर के साथ मुंगेर जिले के दियारा क्षेत्रों में कटाव का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सदर प्रखंड के गंगा पार स्थित जाफरनगर पंचायत के वार्ड संख्या 4 और 5 में नदी का कटाव तेज होने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। स्थिति यह है कि गंगा अब आबादी से महज करीब 60 फीट दूर रह गई है। कटाव की रफ्तार को देखते हुए ग्रामीणों ने अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।
चेतावनी स्तर से 53 सेंटीमीटर ऊपर बह रही गंगा
जिले में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार सुबह गंगा का जलस्तर 38.86 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 38.33 मीटर से करीब 53 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही दियारा क्षेत्रों में कटाव की स्थिति भी गंभीर होती जा रही है।
वार्ड 4 और 5 में सबसे ज्यादा खतरा
जाफरनगर पंचायत में कुल 12 वार्ड हैं। इनमें से 10 वार्ड 1, 2, 3, 4, 5, 8, 9, 10, 11 और 12 गंगा पार दियारा क्षेत्र में स्थित हैं। इन वार्डों में बड़ी आबादी रहती है। फिलहाल सबसे ज्यादा खतरा वार्ड 4 और 5 में बना हुआ है, जहां गंगा की तेज धारा लगातार जमीन को काट रही है।
घरों से सामान निकालकर सुरक्षित जगह ले जा रहे ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि जैसे-जैसे गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे कटाव की रफ्तार भी तेज होती जा रही है। लोगों को डर है कि अगर समय रहते कटाव निरोधक कार्य शुरू नहीं कराया गया तो कई घर और बड़ी मात्रा में जमीन गंगा की चपेट में आ सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा के इंतजाम करने और प्रभावित इलाके में कटाव निरोधक कार्य शुरू कराने की मांग की है। कटाव की गंभीर स्थिति को देखते हुए कई ग्रामीणों ने अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।
कचरा प्रबंधन केंद्र में भी घुसा बाढ़ का पानी
इधर, कुतलूपुर पंचायत स्थित कचरा प्रबंधन केंद्र में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। पानी घुसने से यहां की व्यवस्था प्रभावित हुई है और केंद्र के कामकाज पर भी असर पड़ा है। कटाव की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लिया है। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने और स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की नजर गंगा के बढ़ते जलस्तर और कटाव की स्थिति पर बनी हुई है।