घोषणा: बिहार विधान सभा की दो सीटों पर 30 अक्तूबर को मतदान होगा, दो नवंबर को आएगा परिणाम
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बिहार में विधानसभा की दो सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने तिथि की घोषणा कर दी है। इन सीटों पर 30 अक्तूबर को मतदान होगा। जिसका रिजल्ट दो नवंबर को आएगा। तिथि की घोषणा होते ही पक्ष और विपक्ष की धड़कने बढ़ गई हैं। उपचुनाव तारापुर और कुशेश्वरस्थान में होगा।
हालांकि उपचुनाव की घोषणा होने से पहले से ही दोनों सीटों के लिए जदयू और राजद ने कमर कसना शुरू कर दिया था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों सीटों की यात्रा कर चुके हैं। नीतीश कुमार पहले ही मेवालाल चौधरी के पुण्यतिथि पर उनके आवास पर जाकर अपना श्रद्धा सुमन अर्पित कर चुके हैं। जबकि चौधरी के बेटे इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए क्योंकि दोनों बेटे विदेश रहते हैं।
2020 में मेवालाल चौधरी 2015 में मेवालाल चौधरी 2010 में नीता चौधरी और 2005 और 2000 में राजद की ओर से शकुनी चौधरी ने जीत दर्ज की थी। यहां यादव और कुशवाहा वोटर की संख्या ज्यादा है। मुस्लिम, राजपूत, ब्राह्मण ,रविदास और पासवान की भी संख्या अच्छी है।
नीतीश के लिए दोनों सीट प्रतिष्ठा का विषय बना
एनडीए सरकार के कई मंत्री का कुशेश्वरस्थान और तारापुर क्षेत्रों में आना जाना लगा रहता है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव यह दावा कर चुके हैं कि यदि हम यह 2 सीट जीत जाते हैं तो सरकार बनाने के बहुत ही करीब होंगे। नीतीश के लिए तारापुर और कुशेश्वरस्थान विधानसभा सीट प्रतिष्ठा का विषय बन चुका है।
मुंगेर जिले में पड़ने वाले तारापुर विधानसभा क्षेत्र जदयू का गढ़ माना जाता है। बीते विधानसभा चुनाव में दोनों सीटों पर जदयू की जीत हुई थी। लेकिन, तारापुर में राजद और कुशेश्वरस्थान में कांग्रेस के उम्मीदवार दूसरे नंबर पर थे। ऐसे में इस बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए यह उपचुनाव आसान नहीं होगा।
परेशानी का सबब बन सकता है विपक्ष
यदि महागठबंधन यह चुनाव जीत जाता है फिर भी सरकार बनाने के स्थिति में नहीं पहुंच पाएगा । लेकिन, मनोबल काफी बढ़ेगा। जिससे वह सरकार के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। बिहार में 243 विधानसभा के लिए फिलहाल 241 विधायक हैं। एनडीए सरकार में भाजपा के 74,जदयू 43 , विकाशशील इंसान पार्टी 4, हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के 4 और निर्दलीय के 1 विधायक का समर्थन हासिल है।
अभी एनडीए सरकार में कुल 126 विधायकों का समर्थन है। विपक्षी पार्टी के विधायकों की संख्या 115 है। जिसमें राजद 75, कांग्रेस 19,भाकपा माले 12,माकपा 2 भाकपा 2 और एएमआईएम के 5 विधायकों का समर्थन हासिल है। इसलिए विपक्ष यदि 2 सीट हासिल भी कर लेता है तो वह 117 पर पहुंचेगा। इसके बावजूद भी वह सरकार बनाने का दावा पेश नहीं कर सकता है।
सरकार बनाने के लिए 122 विधायकों का समर्थन चाहिए। फिलहाल एनडीए सरकार में शामिल हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के सूर बदले नजर आ रहे है।कभी वह राम के नाम पर अनर्गल बयानबाजी दे रहे हैं। जिसके कारण भाजपा की उलझनें बढ़ जा रही है।
तेजस्वी ने कहा- महागठबंधन के 39 सांसद बनें, तो बिहार को विशेष राज्य का दर्जा
राजद नेता तेजस्वी यादव ने विशेष राज्य का दर्जा के मुद्दे पर नीतीश कुमार सरकार के यू-टर्न को लेकर हमला बोला है। बिहार की एनडीए सरकार पर कटाक्ष करते हुए तेजस्वी ने कहा है कि 2024 में हमारा गठबंधन बिहार में अगर 40 में से 39 सीटें जीतता है तो जो भी देश के प्रधानमंत्री होंगे वह खुद पटना आकर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की घोषणा करेंगे। फिलहाल, मौजूदा संसद में बिहार में 40 में से 39 एनडीए सांसद हैं।
दरअसल, जदयू कोटे के मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार केंद्र से विशेष राज्य का दर्जा मांगते-मांगते अब थक चुकी है और अब वह यह मांग केंद्र सरकार के सामने नहीं रखेगी। बिजेंद्र प्रसाद यादव के इसी बयान के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि मैंने पहले ही कहा था नीतीश जी थक चुके है। अब तो उनकी पार्टी स्वयं मान रही है कि मुख्यमंत्री के साथ साथ पार्टी भी थक चुकी है। इन्हें बिहार की नहीं सिर्फ कुर्सी की चिंता है।