फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bihar: The issue of teacher candidate echoed in the House, BJP said- Candidates roaming on the road, Male aske

Bihar: शिक्षक अभ्यर्थी के मुद्दे की सदन में गूंज, BJP ने कहा- रोड पर घूम रहे अभ्यर्थी, माले ने पूछा- नौकरी कब?

Tue, 14 Mar 2023 09:27 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Tue, 14 Mar 2023 09:27 AM IST
सार

Bihar: बिहार के शिक्षक अभ्यर्थी ध्यान दें। सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र की सातवीं बैठक में शिक्षक नियुक्ति और टीईटी पास अभ्यर्थियों की चर्चा रही। भाजपा ने टीईटी पास अभ्यर्थियों को नौकरी देने की मांग की।

विज्ञापन
Bihar: The issue of teacher candidate echoed in the House, BJP said- Candidates roaming on the road, Male aske
शिक्षकों अभ्यर्थियों ने हाल में ही आंदोलन की चेतावनी दी थी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के शिक्षक अभ्यर्थी ध्यान दें। सोमवार को  विधानसभा के बजट सत्र की सातवीं बैठक में शिक्षक नियुक्ति और टीईटी पास अभ्यर्थियों की चर्चा रही। भाजपा ने टीईटी पास अभ्यर्थियों को नौकरी देने की मांग की। भाजपा की इस मांग के समर्थन में माले विधायक भी दिखे। उन्होंने भी सातवें चरण के शिक्षक बहाली की मांग की। बिहार की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक अभ्यर्थियों पर किसने क्या कहा आइए जानते हैं...

विज्ञापन


बजट पर चर्चा करते हुए विधायकों ने कहा कि जीवेश कुमार ने कहा कि पहले हस्ताक्षर से 10 लाख युवाओं को रोजगार का दावा करने वाले के राज्य में टीईटी पास अभ्यर्थी बिना नौकरी के रोड पर घूम रहे हैं। कई नौकरियों की सारी प्रक्रिया होने के बाद भी नियुक्ति रुकी हुई है। उन्होंने कहा कि बजट में बताने के लिए सरकार के पास नया कुछ नहीं था। कई प्रावधान तक पिछले वाले ही दुहरा दिए गए कि फलां करेंगे। जीवेश कुमार ने पिछले बजट के दौरान राजद के विधायकों के बयानों का एक-एक कर जिक्र किया और पूछा कि उस समय आप विपक्ष में थे तो यह बातें कह रहे थे, अब तो सत्ता पक्ष में हैं...जवाब दीजिए।
विज्ञापन


लाखों शिक्षक अभ्यर्थी नौकरी की तलाश में हैं
माले विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि बिहार के लाखों शिक्षक अभ्यर्थी नौकरी की तलाश में है। सातवें चरण की शिक्षक बहाली सरकार कब और किस नियमावली के तहत करेगी। शिक्षकों को लिए समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए। पटना विश्वविद्यालय में जो फीस वृद्धि हुई है। उसे कम किया जाए।  केंद्र की तरफ से इस देश की शिक्षा को वॉर जोन की तरह ट्रट किया जा रहा है। शिक्षा में फीस, वृद्धि, आरक्षण कटौती मोदी सरकार का ट्रेड मार्क बन चुकी है। शिक्षा का भगवाकरण किया जा रहा है। VC से लेकर PhD स्कॉलर के चयन तक RSS विचारधारा के प्रति वफादार होना देखा जा रहा है। कुल मिलाकर देश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने की साजिश रची जा रही है। बिहार के विश्वविद्यालय में भ्रष्ट्राचार आम हो गया है। बिहार यूनिवर्सिटी एक्ट 1976 में आवश्यक संशोधन कर उसे राज्य सरकार की भूमिका तय की जाए। शिक्षा समवर्ती सूची में आती है। नई शिक्षा नीति को खारिज करने का प्रस्ताव भी सदन में लाया है। देश के भीतर "मोडानी पॉलिटिक्स" है। बिहार में कॉमन स्कूल सिस्टम लागू होना चाहिए। जब हम विपक्ष में थे भी यह मांग किए थे। यही सही वक्त है कि सरकार को इसके लिए फैसला लेना चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उच्च शिक्षाओं की गड़बड़ी कहां से हो रही थी
ललित नारायण मंडल ने शिक्षा बजट के समर्थन में सत्ता की ओर से बोलते हुए राजभवन पर उंगली उठाई। कहा कि उच्च शिक्षा की गड़बड़ी कहां से हो रही थी, सभी को पता है। चॉकलेट के बगैर तो वहां से काम होता ही नहीं था, यह तो सब जानते हैं। उनका इशारा पूर्व राज्यपाल की ओर था।


"तामसो मा ज्योतिर्गमय" बोलने में लड़खड़ाईं प्रतिमा देवी
विधायक प्रतिमा देवी अपने संबोधन के शुरुआत में "तामसो मा ज्योतिर्गमय" बोलने में लड़खड़ाई गईं। इसके बाद पलटवार करते हुए कहा कि माननीय सदस्य (जीवेश कुमार) जब फिक्र वाली कुर्सी पर बैठे थे, तब वह बेफिक्र थे। आज उन्हें चिंता हो रही है। मैं मांग करती हूं कि केंद्र सरकार जिस तरह से वन नेशन वन टैक्स लाया था। उसकी तरह वन नेशन वन एजुकेशन भी लागू होनी चाहिए। जब आप 15 साल तक सरकार के साथ थे तब आपको बिहार में शिक्षा की चिंता नहीं हुई है। आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के दलित और पिछड़े वर्ग के बच्चों को अच्छी शिक्षा देने की व्यवस्था करवाई। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed