Bihar: सेंसर आधारित टेक्नोलॉजी से राजधानी पटना में आसान हुई जलनिकासी की निगरानी, कुछ घंटों में निकला जमा पानी
Bihar: बैठक में अभय कुमार सिंह ने पटना नगर निगम को निर्देश दिया कि सोनालिका नगर वार्ड 56 में जलजमाव की स्थिति को देखते हुए विशेष अभियान चलाकर फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाए। इसके अलावा वार्ड 2, 32, 44, 45, 46, 47 और 56 में साफ-सफाई, फॉगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव सुनिश्चित करने को कहा गया।
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बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (बीएसडीएमए) की समीक्षा बैठक में राजधानी पटना और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या के त्वरित समाधान में इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (ICCC) की भूमिका की सराहना की गई।
बीएसडीएमए के उपाध्यक्ष डॉ. उदयकांत ने कहा कि इस बार मानसून के दौरान कई-कई घंटे तक लगातार बारिश हुई, लेकिन ICCC की नई सेंसर-आधारित तकनीक के कारण राजधानी क्षेत्र के लोगों को जलजमाव की समस्या से तुरंत राहत मिली।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 20 मई 2025 को गांधी मैदान स्थित ICCC में पटना स्मार्ट सिटी परियोजना अंतर्गत ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन के एकीकरण एवं स्वचालन योजना का उद्घाटन किया था। इस योजना के तहत सभी संप हाउस सेंसर तकनीक से जोड़े गए, जिससे जलनिकासी की रियल-टाइम मॉनिटरिंग आसान हुई।
जुलाई महीने में हुई रिकॉर्ड बारिश के दौरान नगर विकास एवं आवास विभाग के अधिकारी लगातार हालात पर नजर रखते रहे। मंत्री जिवेश कुमार के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता के नेतृत्व में विशेष टीमों की तैनाती की गई। सचिव अभय कुमार सिंह ने विभागीय पदाधिकारियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर जलनिकासी की स्थिति की समीक्षा की।
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बैठक में अभय कुमार सिंह ने पटना नगर निगम को निर्देश दिया कि सोनालिका नगर वार्ड 56 में जलजमाव की स्थिति को देखते हुए विशेष अभियान चलाकर फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाए। इसके अलावा वार्ड 2, 32, 44, 45, 46, 47 और 56 में साफ-सफाई, फॉगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव सुनिश्चित करने को कहा गया। मॉनसून के दौरान नगर निगम और बुडको की टीमें अलर्ट मोड में रहीं। संप हाउसों की लगातार मॉनिटरिंग और क्यूआरटी की त्वरित कार्रवाई से अधिकांश क्षेत्रों में कुछ घंटों के भीतर जलनिकासी कर दी गई।
संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई
विधानसभा, राजेंद्र नगर, मीठापुर, पटना सिटी, सब्जीबाग, बारीपथ, करबिगहिया, द्वारिकापुरी, बाईपास, दीघा, खेतान मार्केट, गांधी मैदान, एयरपोर्ट और बोर्ड कॉलोनी जैसे इलाकों से कुछ घंटों में ही पानी निकाल दिया गया।
शिकायतों का तुरंत निस्तारण
टोल-फ्री नंबर 155304 पर पाटलिपुत्र कॉलोनी, पाटलिपुत्र स्टेशन, कंकड़बाग, किदवईपुरी और राजेंद्र नगर से मिली शिकायतों का तत्काल समाधान किया गया। कई जगहों पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पंप लगाकर पानी निकाला गया। शहरभर में 19 क्यूआरटी टीमें मुख्यालय और अंचल स्तर पर तैनात रहीं। अधिकारी और कर्मचारी वॉकी-टॉकी और सीसीटीवी से संप हाउसों के वाटर लेवल की लगातार निगरानी करते रहे।
वैकल्पिक व्यवस्था
जहाँ स्थायी डीपीएस (ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन) नहीं थे, वहां 35 अस्थायी डीपीएस बनाए गए। पटना से दानापुर तक ट्रॉली माउंटेड पंप पहले से स्थापित कर दिए गए थे।ॉ नगर निगम की टीमें लगातार सक्रिय रहीं और जलजमाव की समस्या वाले क्षेत्रों में हेल्पलाइन नंबर 155304 के माध्यम से लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई गई।
बड़े एवं संवेदनशील अस्थायी ड्रेनेज पर पंपो की संख्या जो अधिष्ठापित की गई
1. खानपुर - 8 ट्रॉली माउंटेड पंप
2. बरमुक्ता - 8 ट्रॉली माउंटेड पंप
3. दीघा नहर- 16 ट्रॉली माउंटेड पंप
सभी डीपीएस मिला कर शहर की जलनिकासी के लिए 364 पंपों का इस बार इस्तेमाल किया गया। इनमें 265 विद्युत चालित पंप, जबकि 99 डीजल सेट थे। इनमें से 256 पंप स्थायी डीपीएस पर स्थापित थे। 83 पंप अस्थायी डीपीएस पर लगाये गये
अंचलवार डीपीएस क्षमता वर्धन
1. अजीमाबाद - 7 डीपीएस, 33 पंप ( 30 विद्युत , 3 डीजल )
2. कंकड़बाग- 7 डीपीएस, 46 पंप ( 41 विद्युत , 6 डीजल )
3. बांकीपुर- 7 डीपीएस, 35 पंप ( 29 विद्युत , 6 डीजल )
4. पाटलिपुत्र- 9 डीपीएस, 36 पंप ( 29 विद्युत , 7 डीजल )
5. नूतन राजधानी- 26 डीपीएस, 105 पंप (95 विद्युत, 10 डीजल)