{"_id":"6779295b908e87444f067e17","slug":"bihar-recovery-by-promising-to-give-five-decimals-of-land-in-buxar-called-coordinator-jan-sangharsh-morcha-2025-01-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News: पांच डिसमिल जमीन दिलाने का वादा कर वसूली, वसूलीकर्ता अपने आपको जनसंघर्ष मोर्चा का संयोजक बताया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News: पांच डिसमिल जमीन दिलाने का वादा कर वसूली, वसूलीकर्ता अपने आपको जनसंघर्ष मोर्चा का संयोजक बताया
Sat, 04 Jan 2025 05:58 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बक्सर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बक्सर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 04 Jan 2025 05:58 PM IST
सार
सदर प्रखंड कार्यालय में एक व्यक्ति ने महिलाओं को पांच डिसमिल जमीन दिलाने का वादा करते हुए उनसे 10 रुपये वसूले। इस प्रक्रिया में कुल 146 फॉर्म अंचल कार्यालय में जमा किए गए हैं।
विज्ञापन
महिलाओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बक्सर सदर प्रखंड सह अंचल कार्यालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पांच डिसमिल जमीन मिलने के झांसे में पड़कर सैकड़ों महिलाएं पहुंच गई। वहां मौजूद एक व्यक्ति महिलाओं को पांच डिसमिल जमीन दिलाने का दावा करते हुए उनसे फार्म भरवाने के लिए कह रहा था। इतना ही नहीं फार्म भरवाने के बदले उनसे 10 रुपये लिए जा रहे थे। हालांकि, जब उससे पूछा गया कि किस योजना के तहत यह आवेदन फार्म भरे जा रहे हैं, उसका कोई स्पष्ट विवरण नहीं मिल सका। इसकी सूचना मिलने पर सदर बीडीओ साधु शरण पांडेउ मौके पर पहुंचे और महिलाओं को वहां से हटवाया, लेकिन तब तक अंचल कार्यालय के कर्मियों ने 146 फार्म जमा कर लिए थे।
विज्ञापन
जो व्यक्ति फार्म भरवा रहा था, वह अपने आपको जिले के अरियांव गांव का निवासी तथा जन संघर्ष मोर्चा का संयोजक बता रहा था। उसने अपना नाम सुरेंद्र प्रसाद उपाध्याय बताया। वह इन महिलाओं को पांच डिसमिल जमीन दिलाने का वादा कर रहे थे और इसके लिए एक फार्म भरवाने की प्रक्रिया चला रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार ने इस योजना की घोषणा की है? तो वह अलग-अलग बातें करने लगे और अंत में यह बताया कि वह सरकार से यह मांग कर रहे हैं कि भूमिहीनों को पांच डिसमिल जमीन दी जाए।
विज्ञापन
पहले रुपये लेने की बात से किया इनकार, फिर बोला गरीबों की लड़ाई लड़ने में आता है खर्च
पूछने पर सुरेंद्र प्रसाद उपाध्याय ने बताया कि वह इसके लिए फार्म छपवाकर महिलाओं से भरवा रहे थे, ताकि सरकार तक उनकी बात पहुंच सके। जब यह पूछा गया कि वह रुपये क्यों ले रहे थे तो उन्होंने पहले इनकार किया, लेकिन बाद में बताया कि पार्टी का सदस्यता शुल्क लिया जा रहा है। हम अपने पैसे से बक्सर से पटना तक संघर्ष करता हूं।
विज्ञापन
अंचलाधिकारी बोले, जांच कर होगी कार्रवाई
वहां पहुंची महिलाओं द्वारा अंचल कार्यालय के कर्मी ने 146 फार्म जमा कराए। हालांकि, अंचल कार्यालय के कर्मी यह नहीं बता सके कि ये फार्म किस योजना के तहत जमा कराए गए। मामले में अंचलाधिकारी प्रशांत शांडिल्य ने बताया कि इन आवेदनों की जांच की जा रही है, ताकि सही जानकारी सामने आ सके। जांच के बाद इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।