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Bihar: डॉ. प्रेम कुमार बोले- सहकारिता के जरिए गांवों को आत्मनिर्भर बनाएगी सरकार, ग्रामीण रोजगार पर रोडमैप रखा
Sun, 27 Jul 2025 07:52 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासाराम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासाराम
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Sun, 27 Jul 2025 07:52 PM IST
सार
Sasaram News: मंत्री प्रेम कुमार ने बताया कि सहकारिता के जरिए न सिर्फ गांवों में रोजगार बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग से ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
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सभा को संबोधित करते मंत्री प्रेम कुमार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने रविवार को स्पष्ट किया कि सहकारिता अब सिर्फ एक व्यवस्था नहीं बल्कि ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने का मजबूत माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ‘राष्ट्रीय सहकारिता मिशन 2025’ की शुरुआत कर दी है, जिसके अंतर्गत सहकारिता को रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास का प्रमुख जरिया बनाया जाएगा। मंत्री ने यह बातें सासाराम के जमुहार स्थित गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित सासाराम-भभुआ कोऑपरेटिव सेंट्रल बैंक की वार्षिक आम सभा में कहीं।
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वार्षिक आम सभा की शुरुआत रोहतास जिले से
राज्य के सहकारिता विभाग की वार्षिक आम सभा की श्रृंखला की शुरुआत रोहतास जिले से हुई। इस अवसर पर बिहार-झारखंड बिस्कोमान अध्यक्ष विशाल सिंह, कोऑपरेटिव प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र चौबे, और सहकारिता से जुड़े अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मंच पर मौजूद रहे। डॉ. प्रेम कुमार ने सभी के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर सभा का उद्घाटन किया और सहकारिता के महत्व, संभावनाओं और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।
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पैक्स और सहकारी संस्थाओं की समस्याएं आईं सामने
कार्यक्रम में प्रदेश कोऑपरेटिव अध्यक्ष रमेश चंद्र चौबे ने सहकारिता और पैक्स (प्राथमिक कृषि साख समितियों) से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने पैक्स के पुनर्गठन, डिफॉल्टर इकाइयों के समाधान और मृत व्यापार मंडल सदस्यों के उत्तराधिकारियों को सदस्य बनाने जैसे मुद्दों पर सुझाव दिए।
इसके जवाब में मंत्री प्रेम कुमार ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार पैक्स को सशक्त और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि डिफॉल्टर पैक्स पर गहन विचार हो रहा है और सुधार के स्पष्ट दिशानिर्देश दिए गए हैं।
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सभा के अंत में डॉ. प्रेम कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का उल्लेख कर कहा कि राष्ट्रीय सहकारिता मिशन 2025 उसी सपने को साकार करने की एक सशक्त कड़ी है। उन्होंने बताया कि सहकारिता के जरिए न सिर्फ गांवों में रोजगार बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग से ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सहकारिता विभाग आने वाले समय में राज्य के सभी 38 जिलों में वार्षिक आम सभाओं का आयोजन करेगा, जिससे स्वरोजगार और समावेशी विकास को गति मिलेगी।