Bihar: अनंत सिंह के दुश्मन के घर सर्च ऑपरेशन से पहले तलाशी देने वाले दो SHO निलंबित, अमर उजाला की खबर का असर
पटना के मोकामा प्रखंड में कुख्यात सोनू-मोनू के घर पर बिहार पुलिस की पूरी टीम की तलाश ली गई थी। यह घटना दो थानेदारों के सामने हुई। दोनों ने विरोध नहीं किया और पुलिसकर्मियों की तलाशी सोनू-मोनू गिरोह को लेने दी। अब इस मामले में पटना एसएसपी ने बड़ी कार्रवाई की है।
विस्तार
बिहार पुलिस अब तक लोगों की तलाशी लेती थी। लेकिन, मोकामा विधायक अनंत सिंह के दुश्मन कुख्यात सोनू-मोनू के घर पर सर्च ऑपरेशन करने पहुंची बिहार पुलिस की पूरी टीम की ही तलाशी ले ली गई। सोनू-माेनू गिरोह के सदस्यों ने जिन पुलिसकर्मियों की तलाशी ली, उन्हें ही घर के अंदर जांच करने लिए घुसने दिया गया। इस खबर को 'अमर उजाला' ने प्रमुखता से चलाया। खबर प्रकाशित होने के बाद पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता के आरोप में पंचमहला थानाध्यक्ष कुंदन कुमार और हाथीदह थानाध्यक्ष रंजन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
दरअसल, 23 मई 2026 की शाम पंचमहला थाना क्षेत्र के नौरंगा जलालपुर गांव में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद के बाद गोलीबारी हुई थी। इस मामले में पंचमहला थाना कांड संख्या 46/2026 दर्ज किया गया था। इसी कांड के नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी और हथियार बरामदगी के लिए पंचमहला थानाध्यक्ष कुंदन कुमार और हाथीदह थानाध्यक्ष रंजन कुमार पुलिस बल के साथ अभियुक्त सोनू कुमार के घर पर तलाशी लेने पहुंचे थे।
थानेदारों के सामने ली गई थी तलाशी
इस दौरान दोनों नामजद अभियुक्त मौके से फरार मिले, लेकिन वहां मौजूद परिजनों ने पुलिस की तलाशी अभियान का विरोध किया। इस पूरे घटनाक्रम का स्थानीय लोगों ने वीडियो बना लिया, जो 24 मई की सुबह से सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। वायरल वीडियो में एक महिला द्वारा कांड के मुख्य अभियुक्त सोनू कुमार के भाई और कुख्यात अपराधी मोनू कुमार से पंचमहला थानाध्यक्ष की फोन पर बात कराई जा रही थी। इसके अलावा, हाथीदह थानाध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मी वहां मौजूद लोगों के सामने स्वयं अपनी तलाशी देकर घर में प्रवेश करते दिखाई दे रहे थे।

आम जनता के बीच पुलिस की छवि धूमिल हुई
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बाढ़-1, पटना की रिपोर्ट के अनुसार, एक कुख्यात वांछित अपराधी के घर छापेमारी के दौरान भीड़ के सामने उससे फोन पर बातचीत करना और पुलिसकर्मियों द्वारा पंक्तिबद्ध होकर अपनी तलाशी देना अत्यंत गंभीर मामला है। इस घटना से आम जनता के बीच पुलिस की छवि धूमिल हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस कार्रवाई से समाज में विश्वास और अपराधियों में भय उत्पन्न होना चाहिए, लेकिन दोनों अधिकारियों की कार्यशैली में गंभीर कमी पाई गई। इसी घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में दोनों थानाध्यक्षों को निलंबित करते हुए सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर उनका मुख्यालय नवीन पुलिस केंद्र, पटना निर्धारित किया गया है। साथ ही, पूरे मामले में प्रपत्र-‘क’ गठित कर दोनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने का आदेश जारी किया गया है।
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