फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Patna News ›   bihar news pregnant woman gives birth on e rickshaw newborn dies hospital negligence

Bihar News: अल्ट्रासाउंड बंद, ई-रिक्शा में ही प्रसूता ने दिया जन्म, नवजात की मौत

Sun, 18 May 2025 12:57 PM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतास Published by: पटना ब्यूरो Updated Sun, 18 May 2025 12:57 PM IST
सार

जिस राज्य में सरकार गर्भवती महिलाओं के लिए कई योजना चला रही है और अच्छे स्वास्थ्य की बात करती है, वहां के एक जिले के मुख्य अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सेवा कई महीने से बंद है।

विज्ञापन
bihar news pregnant woman gives birth on e rickshaw newborn dies hospital negligence
ई-रिक्शे पर प्रसूता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रविवार को रोहतास जिले से स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। सासाराम के सदर अस्पताल में सही इलाज और सुविधाएं न मिलने की वजह से एक गर्भवती महिला ने ई-रिक्शा पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। दुख की बात यह है कि जन्म के तुरंत बाद ही नवजात की मौत हो गई।

विज्ञापन


अस्पताल में नहीं मिला अल्ट्रासाउंड

करगहर प्रखंड के कौवाखोंच गांव की रहने वाली आसतोरण देवी नौ महीने की गर्भवती थीं। उन्होंने गर्भावस्था के दौरान करगहर पीएचसी में अपनी नियमित जांच कराई थी। जब उन्हें प्रसव पीड़ा हुई तो उन्हें सासाराम के सदर अस्पताल रेफर किया गया।
विज्ञापन


लेकिन जब वह अस्पताल पहुंचीं, तो डॉक्टरों ने पहले अल्ट्रासाउंड करवाने को कहा। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं थी, इसलिए डॉक्टरों ने उन्हें बाहर किसी प्राइवेट सेंटर पर भेज दिया। इसी दौरान रास्ते में ई-रिक्शा पर ही उन्हें प्रसव हो गया, और बच्चा पैदा होते ही मर गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ई-रिक्शा पर महिला ने दिया बच्चे को जन्म, नवजात की मौत

जब परिजन गर्भवती महिला को ई-रिक्शा से अल्ट्रासाउंड कराने प्राइवेट जांच केंद्र ले जा रहे थे, तभी रास्ते में महिला की प्रसव पीड़ा तेज हो गई। इसके बाद परिजन ई-रिक्शा को तेजी से वापस अस्पताल की ओर ले गए। अस्पताल के गेट पर पहुँचते ही महिला ने ई-रिक्शा पर ही बच्चे को जन्म दे दिया।

प्रसव के तुरंत बाद महिला के साथ आई उसकी मामी जोर-जोर से चिल्लाने लगीं, तब जाकर अस्पताल के कर्मचारी भागते हुए आए और महिला व बच्चे को तुरंत अस्पताल के अंदर ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच की, लेकिन तब तक नवजात की मौत हो चुकी थी। इस घटना के बाद परिजन बहुत गुस्से में आ गए और उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।

सदर अस्पताल में महीनों से बंद है अल्ट्रासाउंड सेवा

अस्पताल प्रबंधक अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टर न होने की वजह से अल्ट्रासाउंड सेवा कई महीनों से बंद है। उन्होंने बताया कि बच्चे को तुरंत एसएनसीयू (गंभीर नवजात देखभाल इकाई) में रखा गया था, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।


यह भी पढ़ें: प्रशांत किशोर का बड़ा दांव, नीतीश के 'राम' PK के साथ, आरसीपी सिंह जन सुराज में आए

यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। एक तरफ सरकार गर्भवती महिलाओं के लिए कई योजनाएं चलाने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ जिला अस्पताल में जरूरी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे लोगों को निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed