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Bihar: सीएम नीतीश के गृह जिले में चार की मौत; प्रताड़ना नहीं झेल पाया धर्मेंद्र, पत्नी-बच्चों को भी खिलाया जहर
Sat, 19 Jul 2025 08:07 AM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
Published by: आदित्य आनंद
Updated Sat, 19 Jul 2025 08:07 AM IST
सार
Nalanda News: कपड़ों के कारोबार ने धर्मेंद्र काफी नुकसान हो गया था। दुकान चलाने के लिए वह साहूकारों से कर्ज लेने लगा। धीरे-धीरे कर्ज का बोझ काफ बढ़ गया। साहूकार उसे प्रताड़ित करने लगे। बात इतनी बढ़ गई कि उसे ऐसा कदम उठा लिया।
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कर्ज के कारण धर्मेंद्र ने खुद के साथ परिवार को खिलाया जहर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा के पावापुरी में दिलदहला देने वाली घटना हुई है। कपड़ा दुकानदार ने खुद के साथ-साथ अपनी पत्नी और तीन बच्चों को जहर खिला दिया। पत्नी और बच्चों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया जबकि पति की हालत गंभीर है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते अस्पताल में लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस फौरन मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। पुलिसिया जांच में पता चला कि पीड़ित शख्स पर कर्ज का बोझ था। उसे कर्जदार प्रताड़ित करते थे। तंग आकर शुक्रवार शाम को उसने खुद के साथ-साथ अपनी पत्नी और तीन बच्चों को सल्फास की गोली खिला दी। सबसे छोटे बेटे ने सल्फास की गोली खाने से मना कर लिया। इसलिए वह बच गया।
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पुलिस के अनुसार, मृतकों में धर्मेंद्र कुमार की पत्नी सोनी कुमारी (38 वर्ष), बेटी दीपा (12 वर्ष), बेटी अरिमा कुमारी (14 वर्ष) और बेटा शिवम (13 वर्ष) शामिल हैं। परिवार का सबसे छोटा बेटा सत्यम सुरक्षित है क्योंकि उसने जहर खाने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो मामले का खुलासा हुआ।
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आंखों देखी गवाह बना छोटा बेटा
घटना के एकमात्र चश्मदीद गवाह छोटे बेटे सत्यम ने पुलिस को बताया कि पिता ने सभी को सल्फास की गोलियां खिलाई थीं। पापा ने मां, दो बहनों और भाई को जहर खिला दिया। मुझे भी खाने के लिए दिया था, लेकिन मैंने मना कर दिया। घटना की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जहर खाने के बाद तड़पती हुई सोनी कुमारी ने बादशाह कोचिंग सेंटर के संचालक मधुरंजन को फोन कर कहा था कि हमने जहर खा लिया है, मेरे छोटे बेटे का पालन-पोषण कर दीजिएगा।
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परिवार के पांच सदस्यों ने एक साथ खाया जहर, हालत चिंताजनक; मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज
पांच लाख का कर्ज बना काल
शेखपुरा के पुरनकामा सिक्करपुर गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार पिछले छह महीनों से पावापुरी में जलमंदिर के पास किराए के मकान में रह रहा था। वह श्री काली मां साड़ी सेंटर नाम की दुकान चलाता था। पहले वह राजमिस्त्री का काम करता था, लेकिन कपड़े के कारोबार में नुकसान के कारण पांच लाख रुपए का कर्ज हो गया था। स्थानीय साहूकारों से लिए गए इस कर्ज का बढ़ता दबाव और प्रताड़ना इस त्रासदी का मुख्य कारण बना। छोटे बेटे ने बताया कि शिकरपुर गांव के कुछ लोग ब्याज की रकम नहीं मिलने पर उनके माता-पिता को गाली देते थे। रामू नामक एक युवक तो घर आकर गाली-गलौज करता रहता था।
काली मंदिर की स्थापना के दिन हुई घटना
घटना के बाद स्थानीय लोगों का कहना है कि शुक्रवार को गांव में काली मंदिर की स्थापना दिवस पर पूजा-अर्चना हो रही थी। मंदिर से कुछ दूरी पर धर्मेंद्र कुमार ने अपने परिवार को जहर दिया, जिससे सभी मौके पर ही गिरकर तड़पने लगे। भगवान महावीर अस्पताल (विम्स) में इलाज के दौरान शुक्रवार रात दो बेटियों दीपा और अरिमा ने दम तोड़ दिया। देर रात मां सोनी कुमारी और बेटे शिवम की भी मौत हो गई।
कर्जदार धर्मेंद्र और उसके परिवार को प्रताड़ित करते थे
घटना की सूचना मिलते ही राजगीर के डीएसपी सुनील कुमार सिंह और इंस्पेक्टर मनीष भारद्वाज मौके पर पहुंचे। डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया की धर्मेंद्र कुमार ने दुकान के लिए स्थानीय साहूकारों से कर्ज लिया था। वह परिवार को प्रताड़ित कर रहे थे। इससे तंग आकर पूरे परिवार ने सल्फास खाया है। पुलिस ने कहा कि अगर कोई और कारण मिलता है तो उसकी भी जांच की जाएगी। जो भी इस घटना के लिए जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।