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बिहार: गंगा के बैकवाटर ने सरमेरा क्षेत्र में मचाई तबाही, 350 बीघे से अधिक धान की फसल डूबी; बांध पर खतरा
Fri, 11 Sep 2026 08:11 AM IST
पटना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Fri, 11 Sep 2026 08:11 AM IST
सार
गंगा के बैकवाटर के कारण नालंदा के सरमेरा टाल क्षेत्र में बाढ़ का संकट गहरा गया है। पेंदी, सदहा और पुरानी इसुआ गांव के खंधों में 8 से 10 फीट तक पानी भरने से 350 बीघे से अधिक धान की फसल डूब गई है। जमींदारी बांधों पर बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने सैंडबैग लगाने के साथ 24 घंटे पेट्रोलिंग के निर्देश दिए हैं।
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गंगा के बैकवाटर में भरा लबालब पानी
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
नालंदा की स्थानीय नदियों के शांत होने के बावजूद गंगा के बैकवाटर ने सरमेरा के टाल क्षेत्र में तबाही मचा रखी है। पानी के लगातार बढ़ते दबाव के कारण जमींदारी बांधों पर खतरा गहरा गया है। पेंदी गांव के पूर्वी इलाके में पानी तटबंध के शीर्ष स्तर तक पहुंच चुका है। तटबंध टूटने की सूरत में बाढ़ का पानी सीधे रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर जाएगा। पेंदी, सदहा और पुरानी इसुआ गांव के खंधों में 8 से 10 फीट तक पानी भर जाने से 350 बीघे से अधिक में लगी धान की फसल पूरी तरह डूब गई है।
बांध बचाने की जद्दोजहद, खेतों में 10 फीट तक भरा पानी
तटबंध को कटने से बचाने के लिए प्रशासन और ग्रामीणों द्वारा युद्धस्तर पर बालू भरी बोरियां डाली जा रही हैं। तेज जलप्रवाह से कई घर टापू बन चुके हैं। पीड़ित किसान शंकर राम, कौशल राम, युवराज कुमार और विजय महतो ने बताया कि मेहनत और लागत डूबने से वे पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
डीएम ने संवेदनशील बांधों का लिया जायजा, 24 घंटे पेट्रोलिंग के निर्देश
गंभीर स्थिति को देखते हुए डीएम उदिता सिंह ने प्रशासनिक व तकनीकी दल के साथ टाल क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने पेंदी, इसुआ और सदहा जमींदारी बांधों की सुरक्षा का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को संवेदनशील स्थलों पर 24 घंटे लगातार गश्त करने का निर्देश दिया। डीएम ने आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में सैंडबैग का अग्रिम भंडारण सुनिश्चित करने को कहा।
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ये भी पढ़ें- बिहार: किसानों की शिकायत पर अररिया में खाद कारोबारियों पर शिकंजा, दो प्रतिष्ठानों के गोदामों में छापेमारी
एसडीआरएफ तैनात, सड़क व पुल निर्माण की डीपीआर तलब
राहत व बचाव कार्य के लिए प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ की टीम और स्पीड बोट तैनात कर दी गई हैं। निरीक्षण के क्रम में ग्रामीणों द्वारा आवागमन संकट का मुद्दा उठाए जाने पर डीएम ने मौके पर मौजूद कार्यपालक अभियंता को पुल व सड़क निर्माण के लिए अविलंब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का सख्त निर्देश दिया।
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बांध बचाने की जद्दोजहद, खेतों में 10 फीट तक भरा पानी
तटबंध को कटने से बचाने के लिए प्रशासन और ग्रामीणों द्वारा युद्धस्तर पर बालू भरी बोरियां डाली जा रही हैं। तेज जलप्रवाह से कई घर टापू बन चुके हैं। पीड़ित किसान शंकर राम, कौशल राम, युवराज कुमार और विजय महतो ने बताया कि मेहनत और लागत डूबने से वे पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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डीएम ने संवेदनशील बांधों का लिया जायजा, 24 घंटे पेट्रोलिंग के निर्देश
गंभीर स्थिति को देखते हुए डीएम उदिता सिंह ने प्रशासनिक व तकनीकी दल के साथ टाल क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने पेंदी, इसुआ और सदहा जमींदारी बांधों की सुरक्षा का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को संवेदनशील स्थलों पर 24 घंटे लगातार गश्त करने का निर्देश दिया। डीएम ने आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में सैंडबैग का अग्रिम भंडारण सुनिश्चित करने को कहा।
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एसडीआरएफ तैनात, सड़क व पुल निर्माण की डीपीआर तलब
राहत व बचाव कार्य के लिए प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ की टीम और स्पीड बोट तैनात कर दी गई हैं। निरीक्षण के क्रम में ग्रामीणों द्वारा आवागमन संकट का मुद्दा उठाए जाने पर डीएम ने मौके पर मौजूद कार्यपालक अभियंता को पुल व सड़क निर्माण के लिए अविलंब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का सख्त निर्देश दिया।