Bihar: 'संविधान पर हमला हो रहा है, सभी को मिलकर उठानी होगी आवाज', पटना में बोले कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार
Bihar: कन्हैया कुमार ने कहा कि मौजूदा सरकार देश के संसाधनों का निजीकरण कर रही है और उन्हें कुछ चुनिंदा पूंजीपतियों के हाथों में सौंपा जा रहा है। इससे जनता को हाशिए पर धकेला जा रहा है और लोकतंत्र के सभी स्तंभ कमजोर पड़ते जा रहे हैं।
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देश के संविधान पर लगातार हमले हो रहे हैं और सरकार वक्फ बोर्ड से लेकर पिछड़ा व अति पिछड़ा वर्ग के आरक्षण तक को कमजोर करने की कोशिश में जुटी है। ऐसे हालात में जरूरी है कि सभी लोग एकजुट होकर आवाज उठाएं, ताकि संविधान की मूल भावना को बचाया जा सके। यह बातें कांग्रेस नेता डॉ. कन्हैया कुमार ने रविवार को पटना के एएन सिन्हा इंस्टिट्यूट में आयोजित ‘सामाजिक न्याय संवाद’ कार्यक्रम में कही।
कन्हैया कुमार ने कहा कि मौजूदा सरकार देश के संसाधनों का निजीकरण कर रही है और उन्हें कुछ चुनिंदा पूंजीपतियों के हाथों में सौंपा जा रहा है। इससे जनता को हाशिए पर धकेला जा रहा है और लोकतंत्र के सभी स्तंभ कमजोर पड़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब वक्त चुप बैठने का नहीं है, बल्कि सबको मिलकर संघर्ष करना होगा, तभी यह लड़ाई सफल होगी।
इस अवसर पर मुंगेरी लाल ट्रस्ट की ओर से ‘सामाजिक न्याय संवाद’ का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता स्वर्गीय मुंगेरी लाल के नाती संतोष कुमार पासवान ने की। कार्यक्रम का संचालन प्रो. डॉ. राकेश रंजन ने और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रदीप कुमार मालाकार ने किया।
कार्यक्रम में पहली बार ऐतिहासिक मुंगेरी लाल आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया गया। इंस्टिट्यूट के प्रो. डॉ. राकेश रंजन ने बताया कि स्वर्गीय मुंगेरी लाल ने अपनी रिपोर्ट में सबसे पहले अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) को आरक्षण देने की सिफारिश की थी।
सामाजिक कार्यकर्ता रंजीत पंडित ने कहा कि महिला आरक्षण हो या EBC-ईडब्ल्यूएस जैसे प्रावधान, आज जिन नीतियों को सरकारें लागू कर रही हैं, उनके पीछे मुंगेरी लाल आयोग की रिपोर्ट ही मूल आधार रही है। लेकिन दुर्भाग्य है कि इस ऐतिहासिक योगदान का श्रेय आज तक उन्हें नहीं मिल सका।
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इंस्टिट्यूट के प्रो. डॉ. विद्यार्थी विकास ने कहा कि जिस रिपोर्ट को कभी ‘हसीन सपना’ बताया जाता था, वही आज साकार हो रही है। दलित नेता अमर आजाद ने कहा कि मुंगेरी लाल के दलित होने की वजह से उनकी रिपोर्ट को लंबे समय तक नजरअंदाज कर दिया गया।
छात्र नेत्री भाग्य भारती ने कहा कि मुंगेरी लाल ने न सिर्फ पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग बल्कि महिलाओं को भी आरक्षण देने की बात अपनी रिपोर्ट में रखी थी। इससे महिलाओं की लड़ाई को मजबूती मिली, इसलिए इस योगदान को हर मंच से उठाना जरूरी है।
कार्यक्रम में छात्र नेता सुशील कुमार, रजनीकांत पाठक, दानी प्रजापति, कामेश्वर पंडित, मो. सद्दाम, मृणाल राज, जन्मेजय कुमार, शशि भूषण, प्रो. वेदनाथी राम, श्वेतनिशा, सुमित कुमार, सुबोध पासवान, अरविंद कुमार पासवान, उत्तम ठाकुर, निशा, खुशी, रोहित, सौरभ और युनुस खान समेत बड़ी संख्या में छात्र, बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।