Bihar : भूमि एवं राजस्व विभाग ने अपने कर्मियों को नौकरी से हटाया, खाली पदों को भरने की कवायद भी शुरू
Bihar : भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय ने हड़ताल कर रहे संविदा कर्मियों को नौकरी से हटा दिया है। इतना ही नहीं इसके साथ-साथ उन खाली पदों को भरने की कवायद भी शुरू कर दी गई है। संविदाकर्मी अपनी मांगों को लेकर कई दिनों से हड़ताल पर थे।
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भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय ने हड़ताल और धरना प्रदर्शन कर रहे विशेष सर्वे संविदा कर्मियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। विभाग का कहना है कि इनलोगों ने सरकार के कार्यों का विरोध करते हुए सरकारी काम में व्यवधान पैदा किया है। इनको विभाग ने कई बार नोटिस जारी किया और काम पर वापस लौटने की बात कही लेकिन हड़ताल पर बैठे संवेदाकर्मी ने सरकार और विभाग की बात नहीं मानी, लिहाजा इन्हें नौकरी से बर्खास्त किया जाता है।
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विभाग का दावा- काम पर वापस लौटने की दी गई थी सूचना
भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय का कहना है कि पूर्व में प्रकाशित सूचना के माध्यम से हड़ताल और धरना प्रदर्शन कर रहे विशेष सर्वे संविदा कर्मियों से कर्तव्य पर वापस लौटने की अपील समाचार पत्रों, विभाग के सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं निदेशालय के वेबसाइट के माध्यम से की गई थी। इस क्रम में 30 अगस्त को संध्या 5 बजे तक एवं पुनः एक और अंतिम अवसर देते हुये दिनांक 03 सितंबर की संध्या 5 बजे तक कर्तव्य पर वापस लौटने हेतु अवसर दिया गया था। निर्धारित तिथि एवं समय तक कुल 3295 संविदा कर्मियों द्वारा कर्तव्य पर वापस लौटकर कार्य किया जा रहा है। शेष सभी हड़ताल पर बने हुये संविदा कर्मियों की संविदा भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय द्वारा समाप्त कर दी गई है, जिसका आदेश निर्गत किया जा रहा है। भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय का कहना है कि इसके अतिरिक्त संविदा समाप्त किये गये सभी कर्मियों के पदों को रिक्त घोषित करते हुये उन सभी पदों पर नियोजन हेतु विज्ञापन प्रकाशन की कार्यवाही इस माह के अंत तक करने एवं उक्त के संदर्भ में सभी आवश्यक औपचारिकतायें पूर्ण करने हेतु आवश्यक कार्यवाही भी की जा रही है।
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जानिये क्या है पूरा मामला
16 अगस्त से बिहार सरकार राजस्व महा अभियान शुरू की। सरकार और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अनुसार बिहार के सभी अंचल के सभी पंचायतों में दो-दो शिविर लगाकर लोगों की समस्या का समाधान करना था। हर शिविर में अमीनों को लैपटॉप लेकर रहने का निर्देश दिया गया, लेकिन अमीन अपने विभाग और सरकार के आदेशों के खिलाफ पटना के गर्दनीबाग स्थित धरनास्थल पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। हड़ताल पर जाने वालों में कानूनगो, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, लिपिक समेत सैकड़ों कर्मचारी थे, जो सरकार और विभाग के रवैये से नाराज थे। उनकी मांगों में वेतन बढ़ाने और राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग भी थे। आंदोलन कर्मियों ने आरोप लगाया कि उन्हें पिछले तीन महीने वेतन नहीं मिला है। अमीनों का वेतन 35 हजार है लेकिन वह भी समय से नहीं मिल रहा है,जिससे जीवन यापन करने में काफी मुश्किल होती है।
अन्य मांगों में यह मांगें भी शामिल हैं -
- विशेष सर्वेक्षण की यथा विशेष सर्वेक्षण सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी/विशेष सर्वेक्षण कानूनगो विशेष सर्वेक्षण अमीन विशेष सर्वेक्षण लिपिक की सेवा नियमिता 60 वर्ष किया जाय।
- विशेष सर्वेक्षण सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी/विशेष सर्वेक्षण कानूनगो विशेष सर्वेक्षण अमीन विशेष सर्वेक्षण लिपिक की क्रमशः सहायक अभियंता असैनिकद AE), कनीय अभियंता असैनिक (JE), उत्पवर्गीय लिपिक (UDC) के पद पर नियमित नियुक्ति में प्रतिवर्ष कार्य अनुभव हेतु 5 अंक की अधिमानता दिया जाय।
- विशेष सर्वेक्षण सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी/विशेष सर्वेक्षण कानूनगो विशेष सर्वेक्षण अमीन विशेष सर्वेक्षण लिपिक की क्रमशः सहायक अभियंता असैनिक्स् AE), कनीय अभियंता असैनिक (IE), निम्नवर्गीय उच्चवर्गीय लिपिक (UDC) के समतुल्य वरीयता के अनुसार वेतन प्रदान किया जाय।
- सात जून 2022 एवं 21 जनवरी 2023 को संघ के गांगो पर निदेशक में अभिलेख एवं परिमाप बिहार, पटना और संघ के प्रतिनिधियों के साथ हुई वार्ता-सह-बैठक में मांगी पर बनी सहमति के आलोक में आदेश निर्गत किया जाय।
- सभी सर्वेक्षण कर्मियो को ESIC कार्ड उपलब्ध कनाया जाय साथ ही EPFO में सरकार के तरफ से अंशदान प्रदान किया जाय।
अनशन पर बैठे कानूनगो, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, लिपिक समेत सैकड़ों कर्मचारी का कहना है कि सरकार और विभाग हमलोगों के साथ मनमाना रवैया कर रही है। उनका कहना है कि हमलोग धरना प्रदर्शन पर बैठे हैं, लेकिन अब तक न तो सरकार और न ही विभाग के कोई आला अधिकारी हमलोगों से बात करने पहुंचे। यहां तक कि हमलोग भी बात करने की कोशिश किए, लेकिन विभाग के वरीय अधिकारी बात करने के लिए तैयार नहीं हुए। अंत में अपनी मांगों को लेकर 11 कर्मी आमरण अनशन पर बैठ गए। आमरण अनशन पर बैठने वालों में मधुसूदन कुमार, चुनु कुमार, अमित कुमार पासवान, अमित (ASO), अनुभव कुमार, राहुल कुमार, रजनीश कुमार, जयप्रकाश यादव, शिव कुमार राम, नीतीश कुमार और राजिव कुमार शामिल हैं। उनमें शिव कुमार राम और नीतीश कुमार की स्थिति गंभीर होने पर दोनों को बारी-बारी से पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।