Bihar : संविधान हत्या दिवस पर दिग्गजों का जुटान, सीएम ने कहा- लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने का किया था प्रयास
Bihar : आज पूरा पटना भगवा झंडों से पटा हुआ है। भाजपा के इस बड़े कार्यक्रम में आज जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शामिल हुए। गिरिराज सिंह जमकर बोले।
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देश में लगाए गए आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ के मौके पर आज राजधानी पटना में एक बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। गांधी मैदान स्थित ज्ञान भवन में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा मुख्य भी शामिल हुए। इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह सहित कई दिग्गजों ने मंच साझा किया। इस कार्यक्रम में भाजपा और एनडीए के शीर्ष नेता आपातकाल के उस दौर को याद करते हुए विपक्ष पर जमकर हमला किया।
आपातकाल के काले दौर पर मंथन
25 जून 1975 को देश में लगाए गए आपातकाल को भाजपा हर साल काला दिवस के रूप में मनाती है। इस साल आपातकाल के 51 वर्ष पूरे होने पर पटना का ज्ञान भवन इस ऐतिहासिक और राजनीतिक विमर्श का गवाह बना। इस कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक और भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
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भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज आपातकाल की वर्षगांठ के अवसर पर पटना प्रवास के दौरान लोकनायक जयप्रकाश नारायण को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने महिला चरखा समिति, कदमकुआँ, पटना स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया तथा उनके आवास परिसर में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन कर उनके संघर्षपूर्ण जीवन, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पण और आपातकाल के खिलाफ उनके ऐतिहासिक आंदोलन को स्मरण किया।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण भारतीय लोकतंत्र के ऐसे महानायक थे, जिन्होंने सत्ता के दमन, तानाशाही प्रवृत्ति और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हो रहे हमलों के विरुद्ध पूरे देश को एकजुट करने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय था, जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर पहरा बैठा दिया गया, विपक्ष की आवाज को दबाया गया और संविधान की मूल भावना को आघात पहुंचाया गया। ऐसे कठिन समय में लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए जो संघर्ष किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने महिला चरखा समिति परिसर में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के जीवन, विचारों और आंदोलन से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि जेपी केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं थे, बल्कि वे राष्ट्रजीवन में नैतिक राजनीति, जनभागीदारी और वैचारिक प्रतिबद्धता के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकनायक जयप्रकाश नारायण के विचारों, उनके संघर्ष और लोकतंत्र की रक्षा के लिए दिए गए योगदान को सदैव सम्मानपूर्वक स्मरण करती है। आपातकाल की वर्षगांठ केवल एक ऐतिहासिक तिथि नहीं, बल्कि यह लोकतंत्र की रक्षा, संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण और जनआवाज के सम्मान का संकल्प दोहराने का अवसर भी है।
समस्या आने पर सरकार तत्काल चिंता करती है
इस मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले पर सरकार का पक्ष रखा। भोजपुर एनकाउंटर मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब भी कोई समस्या सामने आती है, सरकार तत्काल चिंतित होकर आगे बढ़ती है। इसी क्रम में सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सर्वोच्च स्तर का आयोग गठित किया है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाया जाएगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में लगातार विकास की नई कल्पना साकार हो रही है और लोकतंत्र को व्यवस्थित एवं मजबूत बनाने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र पर कोई काला अध्याय न जुड़े, इसकी हमेशा चिंता की जाती है।मुख्यमंत्री ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के बिहार दौरे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छूटे हुए पेंशनधारियों को योजनाओं से जोड़ने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। साथ ही आगामी 25 तारीख को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में इससे जुड़े सभी लोगों को सम्मानित भी किया जाएगा।
कोई 72 साल का बूढ़ा सच कहने को निकल पड़ा है
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि आज इस लोकतंत्र हत्या दिवस संविधान हत्या दिवस के मौके पर हम सब यहां इकट्ठे हुए हैं। आज संविधान हत्या दिवस के अवसर पर जो आह्वान करेंगे, वह बिहार के नौजवान आने वाले दिनों में याद रखेंगे। यह अलग बात है कि यह छात्र आंदोलन गुजरात से है चला था लेकिन गुजरात से चलकर दिल्ली के रामलीला मैदान में जयप्रकाश नारायण की सहभागिता के कारण यह आंदोलन पूरे देश में फैलते हुए बिहार तक आया। जयप्रकाश नारायण एक मसीहा के रूप में हम सबों के बीच में आए।
गिरिराज सिंह ने पुरानी बातों को याद करते हुए कहा कि हमें याद है वह धर्मयुग पत्रिका था उसका एक मुनादी काफी मशहूर हुआ था। लिखा था- फलक खुदा की हुक्म शहर बादशाह का हर खास व आम को आगाह किया जाता है अपने घर की कुंडिया बंद कर ले क्योंकि कोई 72 साल का बूढ़ा सच कहने को निकल पड़ा है। आज 51 वर्ष बाद एक सरकार केंद्र में बना जिसके कारण 51 साल बाद आने वाले पीढ़ीयों को मालूम हो सकेगा कि कितनी क्रूरता से संविधान की हत्या को उल्लेखित करेगा।