पटना ट्रेन हादसाः सामने आई हादसे के पीछे की दर्दनाक कहानी
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पटना के राजेन्द्र नगर टर्मिनल पर गुरुवार सुबह हुए हृदयविदारक हादसे के बीच एक दर्दनाक कहानी सामने आ रही है। हादसे में तीन महिलाओं और दो पुरुषों समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी।
बताया जाता है कि पांचों लोगों की जान ट्रैक के बीच में उनमें से एक महिला का फंसा हुआ पैर निकालने के चक्कर में गई। हादसे के बाद हर तरफ खून और मांस के लौथड़े ही नजर आ रहे थे। मरने वाली तीनों महिलाएं एक ही परिवार की थी, जबकि दोनों अन्य लोगों की फिलहाल पहचान नहीं हो सकी है।
जानकारी के अनुसार शहर के दरियापुर इलाके के रहने वाली मनवा देवी अपनी बेटी नीलम और बहू अंजू के साथ किसी काम से नून का चौराहा गईं थी। वहां से लौटते समय तीनों सब्जी मंडी के निकट पैदल ही रेलवे ट्रैक पार करने लगी।
राह चलते दो लोगों की भी गई जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इसी बीच मनवा देवी का पैर रेलवे ट्रैक में फंस गया। यह देख बेटी नीलम और बहू अंजू ने उसे निकालने का प्रयास किया। दोनों महिलाओं ने काफी मशक्कत की लेकिन वो ट्रैक से पैर निकालने में सफल नहीं हो सकी।
इस पर नीलम और अंजू ने शोर मचाकर लोगों से मदद की गुहार लगाई। यह नजारा देख वहां से गुजर रहे दो व्यक्ति भी उनकी मदद में जुट गए।
सभी ट्रैक के बीचोंबीच खड़े होकर मनवा देवी का पैर ट्रैक से निकालने का प्रयास कर रहे थे इसी बीच प्लेटफार्म संख्या चार से चली पटना इस्लामपुर ईएमयू ट्रेन ट्रैक पर आ गई।
ईएमयू होने के कारण ट्रेन ने इतनी तेजी से रफ्तार पकड़ी की इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता वह ट्रैक पर खड़े पांचों लोगों को अपनी चपेट में लेती चली गई। कुछ सेकेंडों बाद ही ट्रैक का नजारा दिल दहला देने वाला था।
हादसे के बाद बाधित रहा ट्रेनों का संचालन
पांचों लोगों की लाशें ट्रैक पर टुकड़ों-टुकड़ों में पड़ी थी। जिसने भी यह नजारा देखा उसकी जान हलक में अटक गई। लोग दौड़ कर तुरंत मौके पर पहुंचे और जीआरपी को भी सूचना दी गई।
मौके पर पहुंची जीआरपी ने शवों को जैसे तैसे इकट्ठा कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। वहीं सूचना पर एसपी पीएन मिश्रा भी वहां पहुंचे। वहीं घटना की खबर दरियापुर मोहल्ले तक पहुंची तो काफी तादाद में लोग घटनास्थल पर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया।
इसके चलते लगभग आधा घंटे तक ट्रेनों का संचालन भी बाधित रहा। बाद में पुलिस ने जैसे तैसे समझाकर लोगों को शांत कराया। वहीं सूचना मिलते ही सांसद पप्पू यादव भी समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए।