{"_id":"5a045e2a4f1c1b70548bbeb7","slug":"patna-high-court-asks-bihar-government-on-the-vacant-position-in-fire-department","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अग्निशमन विभाग में नियुक्ति कब होगी? पटना हाईकोर्ट ने नीतीश सरकार से पूछा, 75 फीसदी पद खाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अग्निशमन विभाग में नियुक्ति कब होगी? पटना हाईकोर्ट ने नीतीश सरकार से पूछा, 75 फीसदी पद खाली
amarujala.com, Presented by: अमर शर्मा
Updated Thu, 09 Nov 2017 07:39 PM IST
विज्ञापन
पटना हाईकोर्ट ने नीतीश सरकार से मांगा जवाब
प्रदेश में आगजनी की घटनाओं को काबू करने के निर्देश जारी करने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर चप्पल चल गए थे। लेकिन अग्निशमन विभाग में कर्मचारियों की कमी क्यों है इस सवाल को लेकर आखिर राज्य सरकार कितनी गंभीर है?
पटना हाईकोर्ट ने नीतीश कुमार की सरकार से पूछा है कि अगर अग्निशमन विभाग में कर्मचारी नहीं है तो नियुक्ति क्यों नहीं हो रही है।
राज्य सरकार को एक महीने में इस मुद्दे पर जवाब देना है। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने ये बताया कि अग्निशमन विभाग में 4620 पद हैं और इनमें 75 फीसदी पद खाली हैं। इस जवाब में सबसे चौंकाने वाला पहलू ये था कि ड्राइवर के सभी पद खाली पड़े हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि 2 मई 2016 को अरवल के रहने वाले एक व्यक्ति नीतीश कुमार ने पटना में 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम' में नीतीश कुमार पर गुस्से में चप्पल फेंक दिया था। नीतीश कुमार ने उस घटना के कुछ दिनों पहले एक निर्देश जारी किया था कि, 'आगजनी की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर सुबह 9 से शाम 6 बजे तक खाना बनाने और हवन के लिए आग का इस्तेमाल ना किया जाए।'
विज्ञापन
पटना हाईकोर्ट ने नीतीश कुमार की सरकार से पूछा है कि अगर अग्निशमन विभाग में कर्मचारी नहीं है तो नियुक्ति क्यों नहीं हो रही है।
विज्ञापन
राज्य सरकार को एक महीने में इस मुद्दे पर जवाब देना है। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने ये बताया कि अग्निशमन विभाग में 4620 पद हैं और इनमें 75 फीसदी पद खाली हैं। इस जवाब में सबसे चौंकाने वाला पहलू ये था कि ड्राइवर के सभी पद खाली पड़े हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि 2 मई 2016 को अरवल के रहने वाले एक व्यक्ति नीतीश कुमार ने पटना में 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम' में नीतीश कुमार पर गुस्से में चप्पल फेंक दिया था। नीतीश कुमार ने उस घटना के कुछ दिनों पहले एक निर्देश जारी किया था कि, 'आगजनी की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर सुबह 9 से शाम 6 बजे तक खाना बनाने और हवन के लिए आग का इस्तेमाल ना किया जाए।'
Trending Videos
क्या सलाह जारी करना अपराध है?: नीतीश
नीतीश कुमार ने तब ये भी कहा था कि, "ये मेरा कर्तव्य है कि मैं लोगों को निवारक उपायों की जानकारी दूं। लोगों ने सत्ता में चुनकर मुझे यह काम दिया है। क्या सलाह जारी करना अपराध है? यदि यह अपराध है, तो मैं किसी भी सजा का सामना करने के लिए तैयार हूँ।"
हाल ही में आपदा प्रबंध की एक बैठक में नीतीश कुमार ने उस घटना का भी जिक्र किया था।
लेकिन अब अग्निशमन विभाग में कर्मचारियों की कमी और रिक्त पदों की जानकारी सामने आने के बाद राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन की हकीकत जगजाहिर हो गई है कि वो विषम परिस्थितियों से निपटने में कितनी सक्षम है।
हाल ही में आपदा प्रबंध की एक बैठक में नीतीश कुमार ने उस घटना का भी जिक्र किया था।
लेकिन अब अग्निशमन विभाग में कर्मचारियों की कमी और रिक्त पदों की जानकारी सामने आने के बाद राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन की हकीकत जगजाहिर हो गई है कि वो विषम परिस्थितियों से निपटने में कितनी सक्षम है।