पासवान ने प्राइवेट सेक्टर में की आरक्षण की मांग
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केन्द्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख रामविलास पासवान ने कहा है कि कोयला और सोना निकालने के लिए ग्रामीणों की ज़मीन छीन लेने और उन्हें वहां से बेदख़ल करने की वजह से ही नक्सल समस्या पैदा हुई है।
पासवान का मानना है कि इससे प्रभावित युवा ग़लत रास्ता अपना लेते हैं, इसलिए हर किसी को रोज़गार का अवसर देने के लिए निजी क्षेत्र में भी आरक्षण देना ज़रूरी है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ रामविलास पासवान ने कहा है कि समाज को शक्तिशाली बनाने के लिए हर वर्ग का निश्चित प्रतिनिधित्व होना चाहिए और इसके लिए निजी क्षेत्र में भी आरक्षण की ज़रूरत है।
अलग कानून बने या कंपनियां खुद कदम उठाएं
पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी निजी क्षेत्र में आरक्षण की मांग करती रहेगी। उनका कहना है कि ये अलग मुद्दा है कि ऐसा क़ानून बनाकर हो या फिर निजी कंपनियां खुद ही इसके लिए कदम उठाए।
दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि दलितों और अन्य पिछड़े वर्गों को दिए जा रहे आरक्षण की नीति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। दिल्ली में डॉक्टर बीआर आंबेडकर मेमोरियल लेक्चर में प्रधानमंत्री ने कहा, "आरक्षण आपसे कोई नहीं छीन सकता, राजनीतिक वजहों से आरक्षण के मुद्दे पर विरोधियों के द्वारा झूठ फैलाया जा रहा है, पर भारतीय जनता पार्टी शासित सभी राज्यों में आरक्षण में कोई कमी नहीं की गई है।"
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख ने पिछले साल नवंबर में एक बयान दिया था कि देश के हित में एक अराजनीतिक समिति बनाई जानी चाहिए जो आरक्षण की समीक्षा करे और ये बताए कि किन क्षेत्रों में और कितने समय के लिए आरक्षण दिए जाने की ज़रूरत है।