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Bihar Politics: सांसदों की टूट की खबर पर सामने आई पशुपति पारस की पार्टी, दिया ये जवाब
Sun, 14 Aug 2022 02:22 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, पटना
पीटीआई, पटना
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sun, 14 Aug 2022 02:22 PM IST
सार
समस्तीपुर से सांसद प्रिंस राज ने कहा कि आप खुद देख सकते हैं कि पार्टी बरकरार है और अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है।
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पशुपति कुमार पारस
- फोटो : PTI
विस्तार
केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस की राष्ट्रीय लोक जनता पार्टी ने रविवार को उन अफवाहों को खारिज कर दिया कि उसके पांच में से तीन सांसद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जद (यू) में शामिल होने की योजना बना रहे थे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रिंस राज ने अटकलों का खंडन करने के लिए यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें दोनों तरफ के दो सांसद चंदन कुमार और वीना देवी थे।
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अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं: प्रिंस राज
प्रिंस राज ने दावा किया कि तीसरे सांसद महबूब अली कैसर भी औपचारिक रूप से यह घोषणा करने आए थे कि वह एनडीए में बने रहने के लिए पार्टी के रुख के साथ थे, लेकिन कोरोना की वजह से वे प्रेस वार्ता में शामिल नहीं हुए। समस्तीपुर के सांसद प्रिंस राज ने कहा कि आप खुद देख सकते हैं कि पार्टी बरकरार है और अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है।
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इसलिए लगाई जा रही थीं अटकलें
कमजोर समझे जाने वाले लोजपा के तीन सांसदों में वीना देवी की शादी जद (यू) के एमएलसी से हुई है जबकि कैसर का बेटा राजद विधायक है। इसके अलावा, चंदन कुमार को उनके बड़े भाई सूरज भान सिंह द्वारा निर्देशित किया जाता है, जो दिवंगत पासवान के वफादार हैं, जो अपने गुरु के निधन के बाद उनके विकल्पों का वजन कर सकते हैं।
चाचा पशुपति और भतीजे चिराग ने NDA में रहने का फैसला किया
बिहार की सियासत में पिछले हफ्ते हुई उथल-पुथल के बाद चाचा और अलग-थलग पड़े भतीजे ने एनडीए के खेमे में ही रहने का फैसला किया है। लोजपा ने 2020 के विधानसभा चुनावों में सिर्फ एक सीट जीती थी और विधायक राज कुमार सिंह, जिन्होंने चिराग का साथ दिया था, पिछले साल जद (यू) में शामिल हो गए थे। चूंकि पारस, एक पूर्व राज्य मंत्री, 2019 में लोकसभा में चले गए, लोजपा को बिहार में एनडीए सरकार में प्रतिनिधित्व से वंचित कर दिया गया था। जिस पार्टी के वे प्रमुख हैं, उसने इस साल की शुरुआत में विधान परिषद में एक सीट जीती थी।