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प्रशांत किशोर ने शुरू किया 'बात बिहार की' कार्यक्रम, पहले दिन ही जुड़े तीन लाख से ज्यादा लोग

Fri, 21 Feb 2020 08:40 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: देव कश्यप Updated Fri, 21 Feb 2020 08:40 AM IST
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Pashant kishor Launched campaign baat bihar ki More than three lakh people joined on the first day
प्रशांत किशोर (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

जेडीयू के पूर्व उपाध्यक्ष और चुनावी रणनीतिकार के रूप में अपनी रणनीति का लोहा मनवा चुके प्रशांत किशोर ने पार्टी से निकाले जाने के बाद नीतीश सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। गुरुवार को प्रशांत किशोर ने 'बात बिहार की' कार्यक्रम की शुरुआत की। इस कार्यक्रम को पहले दिन ही बिहार की जनता का जबरदस्त रिस्पांस मिला। सूत्रों के मुताबिक पहले दिन इस कार्यक्रम से तीन लाख से  ज्यादा लोग जुड़े हैं। इस कार्यक्रम से जुड़ने वालों में सबसे ज्यादा संख्या पटना जिले के लोगों की है।

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'बात बिहार की' कार्यक्रम से जिलावार जुड़ने वालों की संख्या:-

जिला कार्यक्रम से जुड़ने वालों की संख्या
पटना 27710
मुजफ्फरपुर 14443
पूर्वी चंपारण 11762
समस्तीपुर 10931
सारण 10636
वैशाली 9405 
नालंदा 9168
पश्चिम चंपारण 7139
रोहतास  7573
बक्सर 5953
गोपालगंज 6884
पूर्णिया 6310
सहरसा 4798
सीतामढ़ी 6863
सिवान 9401
सुपौल 4852
अररिया 5129
अरवल 1946
शेखपुरा 1874
शिवहर 1511
औरंगाबाद 5481
बांका 3107
बेगूसराय 8575
भागलपुर 7391
भोजपुर 7721
जमुई 3014
जहानाबाद 3483
कैमूर 3202
कटिहार 4668
खगड़िया 3751
किशनगंज 2354
लखीसराय 3142
मधेपुरा 4160
मधुबनी 1909
मुंगेर 3323
नवादा 4761

 

प्रशांत किशोर ने 18 फरवरी को प्रेस कांफ्रेंस में इस कार्यक्रम की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि मैं ऐसे लोगों को जोड़ना चाहता हूं जो बिहार को अग्रणी राज्यों की दौर में शामिल करना चाहते हैं, जो लोग बिहार को अगले 10 सालों में टॉप 10 राज्यों में देखना चाहते हैं। वह इस कार्यक्रम से जुडेंगे। उन्होंने साफ किया था कि जब तक जीवित हूं बिहार के लिए पूरी तरह समर्पित हूं, मैं कहीं नहीं जाने वाला हूं। मैं आखिरी सांस तक बिहार के लिए लड़ूंगा। अब जब आम लोग उनके कार्यक्रम से भारी संख्या में जुड़ रहे हैं तो इससे यह बात साफ हो जाती है कि बिहार की जनता को प्रशांत किशोर के रूप में एक नया विकल्प मिल गया है।

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प्रशांत किशोर पहले ही साफ कर चुके हैं कि वह किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़ेंगे और न ही किसी गठबंधन में शामिल होंगे।

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