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तांत्रिक ने मानव बलि की मांगी इजाजत, कहा- सबसे पहले बेटे को करुंगा अर्पित
Sat, 02 Feb 2019 09:49 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय
Published by: Sneha Baluni
Updated Sat, 02 Feb 2019 09:49 AM IST
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बेगूसराय के अधिकारियों से एक तांत्रिक ने आवेदन करके मानव बलि की इजाजत मांगी है। जिससे कि वह अपने भगवान को खुश कर सके। एक वीडियो बहुत तेजी से शेयर किया जा रहा है। जिसमें तांत्रिक का दावा है कि मानव बलि कोई अपराध नहीं है और वह सबसे पहले अपने बेटे की बलि देगा जोकि पेशे से इंजीनियर है।
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इस तांत्रिक का नाम सुरेंद्र प्रसाद सिंह है वह मोफुसिल पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले मोहनपुर पहाड़पुर गांव का रहने वाला है। सिंह ने अनुविभागीय अधिकारी (सदर) को 29 जनवरी को पत्र लिखा।
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इस पत्र का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। लेकिन एसडीओ का कहना है कि उन्हें ऐसा कोई पत्र नहीं मिला है।
उन्होंने कहा, 'यह गंभीर मसला है। मानव बलि अवैध है। हमने पत्र और तांत्रिक को ढूंढने के लिए खोज शुरू कर दी है। इसपर उचित कार्रवाई की जाएगी।' पत्र एक अज्ञात संगठन 'बिंदू मां मानव कल्याण संस्था' के लेटरहेड से तैयार किया गया है। सिंह का दावा है कि वह इस संस्था का मुखिया है। उसका कहना है कि संस्था सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत है।
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एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर काफी दिखाई दे रही है जिसमें तांत्रिक स्थानीय पत्रकारों से अपने पत्र के बारे में बात करते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह कह रहा है, 'मानव बलि अपराध नहीं है। मुझे ऐसा करने के लिए कामाख्या देवी ने कहा है। सबसे पहले मैं अपने बेटे की बलि दूंगा जो पेशे से इंजीनियर है। उसने मेरे मंदिर को वित्तीय सहायता देने से मना कर दिया था। वह रावण की तरह है।'
गांव के लोगों का कहना है कि वह सिंह को पागल बाबा के तौर पर जानते हैं क्योंकि उसका व्यवहार ही इस तरह का है। वह कभी नग्न घूमता है तो कभी मानव की खोपड़ी हाथ में लेकर चलता है। लोगों का कहना है कि वह पब्लिसिटी के लिए इस तरह की चीजें करता रहता है। उसके अस्थिर स्वभाव के कारण हमें अपने बच्चों के लिए डर लग रहा है।