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Nitish Kumar : खड़गे, लालू, पवार से अलग-अलग मिलेंगे नीतीश; फिर कॉमन मीटिंग की तारीख होगी तय

Tue, 11 Apr 2023 02:39 PM IST
कुमार जितेंद्र ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: कुमार जितेंद्र ज्योति Updated Tue, 11 Apr 2023 02:39 PM IST
सार

Bihar : केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों की एकजुटता की मुहिम की दूसरी कड़ी में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली में किनसे मिल रहे हैं और इन मुलाकातों की वजह क्या है, यह जानना रोचक है। 

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Nitish will talk to Kharge, Pawar, Lalu Prasad, Kejriwal in Delhi to overthrow Narendra Modi government
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बिगुल फूंकने के पहले ताकत जुटाने की कवायद। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षी एकता के लिए मंगलवार को दिल्ली निकल तो रहे हैं, लेकिन इस बार कोई सामूहिक बैठक नहीं होगी। मुलाकातें होंगी, बातें होंगी...मगर अलग-अलग। विपक्षी एकता में अबतक का रोड़ा रही है कांग्रेस और राहुल गांधी की सांसदी जाने के बाद अब नीतीश की राह आसान होती दिख रही है। इस बार कांग्रेस भी विपक्षी एकता के लिए आतुर है, जिसके लिए नीतीश बार-बार विभिन्न मंचों से अपील कर रहे थे। अब कुछ परिस्थितियां अनुकूल देख नीतीश अलग-अलग मुलाकात करेंगे, फिर कॉमन मीटिंग की तारीख तय होगी। पहले नीतीश के सोमवार को ही तीन दिनों के लिए दिल्ली जाने का कार्यक्रम था, लेकिन जनता दरबार, कोरोना पर उच्चस्तरीय बैठक और कैबिनेट में शिक्षक भर्ती को लेकर अहम फैसले की व्यस्तता में मंगलवार शाम दिल्ली पहुंचने का कार्यक्रम बना है।

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मीसा आवास जाएंगे, केजरीवाल से होगी बात
नीतीश इस बार सबसे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिार्जुन खड़गे से मिलेंगे। यह भी जानकारी आ रही है कि इसके बाद वह राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से मिलने के लिए उनकी बड़ी बेटी सांसद मीसा भारती के आवास पर भी जाएंगे। नीतीश कुमार के ताजा दौरे में बुधवार को शरद पवार से मिलने और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से बात करने की भी योजना बताई जा रही है। मुलाकातों और बातों के दौरान कई जगह उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के भी साथ होने की उम्मीद है। पिछले दौरे में तेजस्वी दिल्ली में केजरीवाल से मिल आए थे।
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:: पीड़ा एक, इसलिए इलाज का रास्ता एक ::
विपक्षी एकता के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयास को पिछली बार पलीता लग गया था। उन्होंने बाकी प्रमुख विपक्षी दलों को तो लगभग मिला लिया, लेकिन एक तरफ कांग्रेस का रिस्पांस नहीं मिल रहा था और दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस किनारे खड़ी रही थी। लेकिन, इस बार नीतीश बहुत उम्मीद के साथ जा रहे हैं। उम्मीद इसलिए है, क्योंकि अब सभी विपक्षी दलों को भाजपा से लगभग बराबर की पीड़ा महसूस हो रही है। 
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1. कांग्रेस- राहुल की सांसदी जाने से बड़ी पीड़ा क्या
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार को हटाना कांग्रेस की पहली और अंतिम ख्वाहिश है, लेकिन उसे राहुल के अलावा किसी का नेतृत्व स्वीकार नहीं हो रहा था। अब 'मोदी’ कांड में सांसदी जाने के बाद कांग्रेस विकल्पहीन स्थिति में भी है और सबसे बड़े दर्द को भी झेल रही है। महागठबंधन की बिहार के पूर्णिया की रैली और उसके बाद भी नीतीश कांग्रेस का साथ मांग रहे थे, लेकिन अबतक चुप रही पार्टी इस समय आगे नजर आ रही है। 

2. आप- नेताओं को जेल जाते देख रहे केजरीवाल
दिल्ली के बाद पंजाब की सरकार में काबिज आम आदमी पार्टी को अब राष्ट्रीय दर्जा मिल गया है। सफलता की इन बातों के साथ आप के लिए इस समय मुसीबतों की भी लाइन लगी है। एक-एक कर अरविंद केजरीवाल के कई करीबी नेताओं को जेल की राह दिखाई जा चुकी है। केजरीवाल नरेंद्र मोदी सरकार के दिल्ली में दखल से भी परेशान रहते हैं। इसलिए, आप के खाते में कई तरह का दर्द है।


3. तृणमूल- नरेंद्र मोदी से उलटी राह है ममता की
पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को उखाड़ फेंकने में एड़ी-चोटी का जोर लगाया था। उस समय मिले दर्द पर ममता बनर्जी ने मरहम तो खुद लगा लिया, लेकिन केंद्र सरकार की दखलंदाजी से वह कभी भी राहत में नहीं है। खासकर बांग्लादेशी घुसपैठियों पर केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार का स्टैंड बिल्कुल उलट है। 

4. राजद- लालू का पूरा परिवार पेशी-पूछताछ से परेशान
राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद का तो पूरा परिवार घोटालों के कारण पेशी और पूछताछ से परेशान है। इसलिए, तेजस्वी समेत लालू का पूरा परिवार केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ खड़ा है। लालू परिवार खड़ा है तो राजद में किसी दूसरी आवाज की आशंका भी नहीं। यही कारण है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद को प्रधानमंत्री पद का दावेदार भले नहीं कह रहे, लेकिन तेजस्वी यादव को बिहार की कुर्सी दिलाने के लिए राजद खुले मन से नीतीश को दिल्ली भेजने में लगा हुआ है। राजद के विभिन्न मंचों से नीतीश को पीएम मैटेरियल कहा जा रहा है।

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