फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   nitish trust vote in bihar assembly

नीतीश ने विश्वासमत जीता

Wed, 19 Jun 2013 08:26 PM IST
पटना/इंटरनेट डेस्क
पटना/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 19 Jun 2013 08:26 PM IST
विज्ञापन
nitish trust vote in bihar assembly

भारतीय जनता पार्टी से नाता खत्म करने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यू के शीर्ष नेता नीतीश कुमार ने बुधवार को विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया। नीतीश ने इस मौके पर अपनी 16 साल पुरानी दोस्त भाजपा को खूब खरी-खोटी सुनाई।

विज्ञापन


दूसरी तरफ, भाजपा ने इस विश्वास मत पर मतदान का बहिष्कार किया। विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से पेश विश्वास मत के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान प्रतिपक्ष के नेता नंद किशोर यादव ने कहा कि नीतीश सरकार ने कांग्रेस की 'जुगाड़ तकनीक' से बहुमत जुटा लिया है। इसलिए सदन में इस पर मतदान की कोई जरूरत नहीं है।
विज्ञापन


उन्होंने नीतीश कुमार पर दोहरा मापदंड अपनाने और सुविधा की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा और बिहार की जनता को उम्मीद थी कि नीतीश कुमार पहले एनडीए के नेता और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते और फिर जद यू विधायक दल का नेता बनकर दोबारा मुख्यमंत्री पद संभालते।
विज्ञापन
विज्ञापन


नीतीश कुमार के लिए यह बेहद आसान जीत रही। सरकार के पक्ष में 126 वोट पड़े। उन्हें उम्मीद से 4 वोट ज्यादा मिले। सरकार के विरोध में केवल 24 वोट पड़े, क्योंकि भाजपा ने इस वोटिंग से अलग रहने का फैसला किया।

कांग्रेस विधायकों ने दिया नीतीश का साथ
विश्वास मत के दौरान कांग्रेस के सभी चार विधायकों ने नीतीश सरकार के पक्ष में मतदान कर इस नए राजनीतिक समीकरण के साफ संकेत दे दिए। हालांकि जदयू अध्यक्ष शरद यादव का कहना है कि पार्टी में नए विकल्पों पर चर्चा नहीं हुई है। फिलहाल दोनों दल अलग-अलग रास्ते पर हैं।

कुमार ने नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा, 'हम चाहते हैं कि कोई धर्मनिरपेक्ष नेता देश की अगुवाई करे। ऐसा शख्स जो पिछड़े इलाकों की चिंता करे।'

इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा के विधायकों ने जय श्री राम और नरेंद्र मोदी जिंदाबाद के नारे लगाए।

बिहार में बदली हुई राजनीतिक परिस्थिति में आज विधानसभा का नजारा भी बदला हुआ था। पिछले सत्र तक सत्तापक्ष के साथ सदन में बैठने वाली भाजपा के विधायक अब मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है। प्रतिपक्ष के नेता का पद भी अब राष्ट्रीय जनता दल की बजाए भाजपा के पास है।

गौरतलब है कि 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में जदयू के 118 विधायक है और उसे बहुमत का जादुई आंकड़ 122 प्राप्त करने के लिए मात्र चार विधायकों की ही जरूरत थी। विधानसभा में भाजपा के 91, राष्ट्रीय जनता दल के 22, कांग्रेस के 4, लोक जनशक्ति पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के एक-एक और 6 निर्दलीय विधायक है।


निर्दलीय विधायकों में से ओबरा के सोमप्रकाश, लौरिया के विनय बिहारी, ढाका के पवन कुमार जायसवाल और बलरामपुर के दुलालचंद गोस्वामी ने नीतीश सरकार को समर्थन देने की घोषणा पहले ही कर दी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed