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नीतीश कुमार ने स्वीकार की बिहार में हत्या, लूट और डकैती जैसे अपराधों में हुई बढ़ोतरी

Fri, 19 Jul 2019 03:58 AM IST
Avdhesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: Avdhesh Kumar Updated Fri, 19 Jul 2019 03:58 AM IST
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Nitish speaks on law and order in Bihar assembly
नीतीश कुमार
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले साल के प्रथम पांच महीनों की तुलना में इस साल प्रदेश में हत्या, लूट, डकैती, चोरी एवं सामान्य अपहरण के मामलों में बढ़ोतरी की बात स्वीकारते हुए गुरूवार को कहा कि आगामी 15 अगस्त तक हर थाने में अनुसंधान एवं विधि-व्यवस्था इकाई का गठन कर लिया जाएगा।
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बिहार विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए गृह विभाग के 109 अरब 68 करोड़ 58 लाख 44 हजार रुपए के आय-व्यय की मांग पर चर्चा के बाद सरकार की ओर से जवाब देते हुए नीतीश ने कहा कि अपराध किसी के चाहने पर पूरे तौर पर खत्म नहीं हो सकता लेकिन इसमें कमी लाना और इस पर नियंत्रण करने का प्रयास करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि चाहे अपराध, भ्रष्टाचार या संप्रदायवाद हो इसके साथ हम किसी प्रकार का समझौता नहीं करते।
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नीतीश ने पिछले साल के प्रथम पांच महीनों की तुलना इस साल प्रदेश में हत्या, लूट, डकैती, चोरी एवं सामान्य अपहरण के मामले में वृद्धि होने की बात स्वीकारते हुए कहा कि सामान्य दंगे की घटना में उतरोत्तर अप्रत्याशित कमी इस बात का संकेत है कि समाज में एक-दूसरे के प्रति सौहार्द के वातावरण में वृद्धि हो रही है।
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उन्होंने विधि व्यवस्था की स्थिति पहले से बेहतर होने का दावा करते हुए कहा कि इस साल स्वाधीनता दिवस के दिन (15 अगस्त 2019) तक हर थाने में अनुसंधान एवं विधि व्यवस्था इकाई के गठन को पूर्णत: लागू कर दिया जाएगा। इसके लिए हमने अंतिम रूप से कहा दिया है।

नीतीश ने कहा कि नए पुलिस कानून 2007 के तहत यह प्रावधान किया गया था और अब हर थाने में थानाध्यक्ष के अलावा एक अपर थाना अध्यक्ष (अनुसंधान) और एक अपर थाना अध्यक्ष (विधि व्यवस्था) होंगे। प्रत्येक इकाई में किसी के भी पदस्थापन का न्यूनतम कार्यकाल दो वर्ष निर्धारित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई पुलिस अनुमंडल, जिनका क्षेत्र बहुत बड़ा है और उनके अधीन आने वाले थानों की संख्या 10 से अधिक है, ऐसे 43 पुलिस अनुमंडलों में गुणवत्तापूर्ण पर्यवेक्षण के लिए अपर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के पद सृजन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

नीतीश ने कहा कि सभी थाना अध्यक्ष और अंचल पुलिस निरीक्षक के पद पर पदस्थापन के लिए स्वच्छ छवि वाले पदाधिकारियों का चयन किया जाएगा तथा जिन पदाधिकारियों के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई चल रही हो, जिनको तीन या उससे अधिक विभागीय सजा मिल गयी हो, जिनके विरूद्ध पुलिस द्वारा किसी कांड के अनुसंधान में साक्ष्य पाया गया हो, जो अदालत से किसी कांड में दोष सिद्ध हों अथवा जिन पर मद्य निषेध के क्रियान्वयन में कोताही या मिली भगत का आरोप हो, उनका पदस्थापन नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि विधि व्यवस्था के संधारण के लिए सभी कार्यालयों में विधि व्यवस्था शाखा स्थापित की जा रही है। नीतीश ने कहा कि विधि व्यवस्था के संधारण के लिए 2012 में दंगा विरोधी बल विकसित करने की कार्रवाई की गयी थी उसी को जारी रखते हुए रैपिड एक्शन फोर्स के तर्ज पर बिहार सैन्य पुलिस के तीन वाहिनियों को दंगा निरोधी बटालियन के तौर पर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी थानों में दो वाहन और रेल थाने को एक वाहन का मानक बनाया गया है और 1007 वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। नीतीश ने कहा कि गश्त में जाने वाले पुलिसकर्मियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए थाना के गश्ती वाहनों में जीपीएस लगाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक थाने में एक थाना प्रबंधक का पद सृजित किया जा रहा है तथा थानों में पदस्थापित पुलिसकर्मियों को 303 राइफल की जगह एके 47, इंसास, एमपी 5 आदि आधुनिक शस्त्र प्रदान किए जा रहे हैं। नीतीश ने कहा कि सरकार पुलिसकर्मियों और पदाधिकारियों को हर तरह की सुविधा और उनकी पेशेवर जरूरतों को पूरा कर रही है वहीं कार्य के प्रति लापरवाह और उदासीन पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले के हरेक इलाके में होने वाले अपराध की घटनाओं का अंकेक्षण कराए जाने तथा थानावार अपराध विश्लेषण के बाद गंभीर अपराध में वृद्धि वाले चिह्नित थानों में पदस्थापित 314 लापरवाह और उदासीन पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ तथा वर्ष 2019 के प्रथम तिमाही के दौरान 127 ऐसे पदाधिकारियों के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू की गयी है। दो दर्जन से अधिक पुलिस उपाधीक्षकों के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।

नीतीश ने कहा कि थानों में शिकायत दर्ज कराए जाने वालों के लिए आगंतुक कक्ष का निर्माण का निर्णय लिया गया है और उनके लिए पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी थानों और उसके वरीय स्तरों को कम्प्यूटर नेटवर्क से जोडने के लिए सीसीटीएनएस परियोजना का क्रियान्वन किया जा रहा है जिससे अपराध आंकड़ों और अन्य अभिलेखों का अक्टूबर 2019 तक कम्प्यूटरीकरण हो जाएगा। नीतीश ने कहा कि थाना हाजत में बंद कैदियों के मानवाधिकार का उल्लंघन नहीं हो इसके लिए सभी पुलिस थानों के हाजत में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि जिन थानों में महिला पुलिसकर्मियों के शौचालय और स्नानागार की सुविधा नहीं होगी वहां महिला पुलिसकर्मी तैनात नहीं किए जाएंगे। नीतीश ने कहा कि बिहार में अब पुलिस जोन को समाप्त करके जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय और राज्य पुलिस मुख्यालय के बीच में सिर्फ एक अधिकारी पुलिस महानिरीक्षक अथवा पुलिस उपमहानिरीक्षक होंगे और वह रेंज होगा।

अब 12 पुलिस रेंज बनाए गए हैं जिनमें से पांच पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और पूर्णिया पुलिस रेंज में पुलिस महानिरीक्षक का पदस्थापन होगा जबकि अन्य पुलिस रेंज बेतिया, सारण, सहरसा, मुंगेर, शाहाबाद, बेगूसराय में पुलिस उपमहानिरीक्षक पदस्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्य उनके जवाब के दौरान ही सदन से वाकआउट कर गए थे। विपक्षी सदस्यों की अनुपस्थिति में सदन ने गृह विभाग की मांग को ध्वनि मत से पारित कर दिया।
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