बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, 'मुजफ्फरपुर कांड से मैं शर्मसार हूं'
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लगातार इस मामले पर विपक्ष के निशाने पर रहे नीतीश ने कहा कि सीबीआई जांच कर रही है और उच्च न्यायालय इस मामले की मोनिटरिंग करेगा। नीतीश कुमार पर लगातार विपक्षी पार्टियों द्वारा इस्तीफा देने का दबाव बनाया जा रहा है। विपक्षी दलों ने नीतीश की चुप्पी पर बार-बार उठाए जा रहे सवाल पर शुक्रवार को बिहार सीएम ने आश्वस्त किया है कि इस मामले में किसी के साथ कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसे कड़ी सजा मिलेगी।
मुजफ्फरपुर के बालिका गृह कांड के बाद नीतीश के खिलाफ विपक्षी पार्टियों को उनपर हमला करने की बड़ी वजह मिल गई है। आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव उनपर जमकर हमला कर रहे हैं।
मुजफ्फरपुर के बालिका गृह कांड के बाद नीतीश के खिलाफ विपक्षी पार्टियों को उनपर हमला करने की बड़ी वजह मिल गई है।
आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव उनपर जमकर हमला कर रहे हैं। तेजस्वी यादव ने सुबह ट्वीट कर कहा था' नीतीश चाचा आपकी नाक के नीचे दुनिया के सबसे भयानक बलात्कार कांड पर आपकी चुप्पी तोड़ने के लिए मैं आपको मजबूर कर दूंगा। आपके करीबी लगातार 34 बच्चियों के साथ लगातार बलात्कार करते रहे और आपने चुप्पी साध रखी है। आप मुख्यमंत्री होते हुए सो कैसे पा रहे हैं।
Nitish Chacha, I will force you to break your criminal silence on the most horrifying Institutional mass rape of the world that happened right under your nose.
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) August 3, 2018
How can you afford to sleep as a CM wherein 34 innocent girls hv been repeatedly raped by ur close aides?
तेजस्वी यादव बालिका गृह मामले पर बिहार में निकाली बेटी बचाओ यात्रा
बिहार के मुजफ्फरपुर में बेसहारा लड़कियों के लिए बने आश्रय गृह में 34 नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार का मामला सामने आने के बाद से देश सन्न रह गया है। इसमें तीन बच्चियों की मौत की बात भी कही जा रही है। इस बालिका गृह का संचालन ब्रजेश ठाकुर खुद और अपने साथियों और अफसरों के लिए बच्चों के साथ बलात्कार करता था। वह हैवानियत की हदें तक पार कर देता था। ब्रजेश की गिनती बिहार के रसूखदारों में होती रही है। ठाकुर एक अखबार 'प्रात:कमल' चलाता है। चर्चा है कि बेहद कम सर्कुलेशन वाले इस अखबार को नीतीश सरकार से सालाना करोड़ों रुपये के विज्ञापन मिलते रहे हैं। इसे लेकर विपक्ष नीतीश पर हमलावर है।
उधर, सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया है और गुरुवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के आश्रय गृह में नाबालिग दुष्कर्म पीड़िताओं की तस्वीरों व विडियो प्रसारित करने पर रोक लगा दी है। जस्टिस मदन बी.लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने एक शख्स द्वारा अदालत को पत्र लिखने के बाद इस घटना पर स्वत: संज्ञान लिया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, बिहार सरकार से जवाब मांगा है।