Bihar : माध्यमिक और उच्च माध्यमिक सभी 7360 स्कूलों को मिलेंगे एक-एक कंप्यूटर शिक्षक, 7 जिलों में छात्रावास
Bihar Cabinet Decision : बिहार का सियासी माहौल 2024 के लोकसभा और 2025 के विधानसभा चुनाव की लड़ाई के मोड में आ चुका है। इसका असर नीतीश कुमार कैबिनेट के फैसलों पर भी साफ-साफ दिखता है। फरवरी महीने की पहली कैबिनेट बैठक में ऐसे कई फैसले हैं।
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बिहार के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षक अब निश्चित तौर पर रहेंगे। राज्य सरकार ने ऐसे सेभी 7360 स्कूलों के लिए एक-एक कंप्यूटर शिक्षक के पद स्वीकृत किए हैं। बुधवार को बिहार कैबिनेट की अहम बैठक में यह फैसला हुआ। कुल मिलाकर 18 फैसलों पर स्वीकृति दी गई। खगड़िया के चौथम अंचल के बोरने में 7.115 एकड़ क्षेत्र में जवाहर नवोदय विद्यालय बनेगा। इसके लिए पथ निर्माण विभाग भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय को फ्री में जमीन देगा। सासाराम के डेहरी ऑन सोन में अनमुंडलीय व्यवहार न्यायालय के 10 कोर्ट भवन बनाने के लिए 33.81 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आयुष के सह-प्राध्यापक और प्राध्यापकों को संविदा के आधार पर नियोजित किया जाएगा, इसी तरह नियमित नियुक्ति या प्रोन्नति में जो भी पहले हो- किया जाएगा ताकि राजकीय आयुर्वेदिक, यूनानी एवं होम्योपैथिक महाविद्यालयों की मान्यता पर छाया संकट हटे।
पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग की छात्र-छात्राओं को सौगात
राज्य के 7 जिलों में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग की छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास बनाए जाएंगे। 100 बेड वाले एक-एक छात्रावास इन 7 जिलों में बनेंगे, जिसके लिए भवन निर्माण विभाग के मॉडल एस्टीमेट के आधार पर प्रति छात्रावास करीब चार करोड़ 98 लाख रुपए की दर से कुल 34 करोड़ 91 लाख 81 हजार रुपये राज्य योजना से वहन किए जाने की स्वीकृति दी गई। साथ ही इसका निर्माण भवन निर्माण विभाग से कराने की स्वीकृति भी कैबिनेट ने दे दी। पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए एक और अहम फैसला लिया गया, जिसका फायदा खगड़िया में रहने वाले छात्रों को मिलेगा। खगड़िया में जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास योजना के तहत छात्रावास निर्माण के लिए बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड को रिवाइज एस्टीमेट के आधार पर 6 करोड़ 71 लाख 72 हजार की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
नगर निकायों के लिए मरहमपट्टी का इंतजाम
बिहार के नगर निकायों के लिए भी बुधवार की कैबिनेट बैठक में कुछ महरमपट्टी की व्यवस्था हुई। वित्तीय वर्ष 2022-23 में वाणिज्य कर विभाग द्वारा पेशाकर मद में की गई कटौती से जमा हुई राशि का हिस्सा नगर निकायों को मिलेगा। कुल 75 करोड़ रुपये को सहायक अनुदान के रूप में राज्य में कार्यरत नगर निकायों के बीच जनसंख्या के आधार पर व्यय करने की स्वीकृति दी गई।
जूनियर एथलेटिक्स मीट के लिए छह करोड़ रुपये
कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में छात्र एवं युवा कल्याण निदेशालय बिहार के अधीन बिहार राज्य खेल प्राधिकरण द्वारा नेशनल इंटर डिस्ट्रिक्ट जूनियर एथलेटिक्स मीट (NIDJAM) के आयोजन के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से छह करोड़ रुपये की अग्रिम स्वीकृति दी है।
छपरा, गोपालगंज के लिए भी फैसले
इसके अलावा छपरा नगर निगम के नमामि गंगे प्रोजेक्ट में बढ़ रही राशि के लिए स्वीकृति दी गई। गोपालगंज के भोरे में एक नए 2x50 MVA क्षमता वाली 132/33 KV ग्रिड सब-स्टेशन, इससे संंबंधित संचरण लाइन एवं हथुआ ग्रिड सब-स्टेशन में दो लाइन 'बे' के निर्माण के लिए 123.83 करोड़ रुपये की नई योजना की स्वीकृति दी गई।
डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को और जमीन मिली
डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को DFCCIL परियोजना के लिए जमीन देने की प्रक्रिया जारी है। इस प्रक्रिया के तहत अब औरंगाबाद जिला अंतर्गत कुल 1.7117 एकड़ जमीन 33 लाख 94 हजार 980 रुपए के भुगतान पर देने की स्वीकृति हुई।
संकाय शिक्षकों को गुणवत्ता सुधार के लिए छुट्टी-स्वीकृति
राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय एवं राजकीय पॉलिटेक्निक व महिला पॉलिटेक्निक संस्थानों के संकाय शिक्षकों को अब पीएचडी एवं एमटेक में नामांकन हेतु जाने की अनुमति मिलेगी और इसके लिए अवकाश की स्वीकृति भी मिलेगी। संकाय शिक्षकों को गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम के तहत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग यह अनुमति एवं अवकाश देगा।
पटना मेट्रो के लिए जमीन का संकट भी अब होगा खत्म
कैबिनेट ने पटना मेट्रो रेल परियोजना को लेकर भी एक अड़चन को खत्म करने का अहम फैसला लिया। मेट्रो परियोजना के तहत स्टेशन निर्माण एवं एलाइनमेंट के रास्ते में आने वाली राज्य सरकार की जमीन नगर विकास एवं आवास विभाग को शुल्क लेकर हस्तांतरित की जाएगी। सरकारी भूमि चाहे जिस विभाग की हो, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के परिपत्र के आलोक में वित्त विभाग के परामर्श प्रक्रिया के बाद इसका हस्तांतरण किया जाएगा।
दरभंगा को पेयजल संकट से निकालने का फैसला
दरभंगा में पेयजल की उपलब्धता को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय हुआ। इस निर्णय के तहत दरभंगा जलापूर्ति योजना अंतर्गत आंशिक रूप से आच्छादित वार्डों को पूर्ण आच्छादित करने की 128 करोड़ 55 लाख रुपए की योजना को राज्य योजना मद से स्वीकृति दी गई।
एक नियमावली बदली, एक अफसर का संविदा नियोजन
कैबिनेट ने एक अहम फैसले में बिहार काष्ठ तथा अन्य वन उत्पादन (अभिवहन विनियमन) संशोधन नियमावली 2023 को स्वीकृति दी। वर्ष 1973 तथा 2002 की नियमावलियों को संशोधित करते हुए इसे स्वीकृत किया गया। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण से आने वाली निरीक्षण परीक्षण जांच आदि के पूर्व के शुल्क में 200% की वृद्धि के प्रस्ताव को स्वीकृत दी गई। व्यक्ति-विशेष को प्रभावित करने वाले एक फैसले के तहत, 31 जनवरी 2023 को सेवानिवृत्त हुए भवन निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख राकेश कुमार को एक साल के लिए संविदा के आधार पर नियोजित करने का और उन्हें अभियंता प्रमुख-सह-अपर आयुक्त-सह-विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार देने की स्वीकृति दी गई। नई नियुक्ति पहले हो गई तो यह नियोजन रद्द हो जाएगा।