बिहार: सत्ता संभालते ही बदले नीतीश के तेवर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांचवीं बार बिहार की कमान संभालते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सबसे पहले विधि-व्यवस्था की समीक्षा की। कार्यकाल के पहले दिन ही नीतीश ने अधिकारियों की जमकर क्लास ली। नीतीश का गुस्सा सब कुछ कह रहा था।
नीतीश ने हाल के दिनों में हुए कुछ घटनाक्रम की पहले जानकारी ली, फिर संबंधित अधिकारियों पर बरसे। उन्होंने सबको सख्त लहजे में निर्देश दिया कि ऐसे नहीं चलेगा, कार्यशैली में सुधार लाइये, वरना मुश्किल हो सकती है।
नीतीश ने अधिकारियों से कहा कि आपका चेहरा देखकर आपका मूल्यांकन नहीं होगा, आपके काम के आधार पर ही परखा जाएगा। प्रदेश के सभी 40 एसपी और 38 डीएम के साथ राज्य सरकार के सभी वरीय अधिकारी इस समीक्षा बैठक में मौजूद थे। करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में नीतीश कुमार ने कुछ अधिकारियों की लापरवाही को भी रेखांकित किया।
हो सकते हैं बड़े प्रशासनिक बदलाव
वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से नीतीश ने लापरवाही का जिक्र करते हुए कुछ
जिलाधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि आप लोग ऐसा मत सोचिए कि थानेदार
एसपी के अधीन है, इसलिए वो आपकी जिम्मेदारी नहीं है। इस प्रकार का रवैया
तत्काल बदल लीजिए, ऐसी सोच के साथ आगे काम करना, आगे मुश्किल होगा।
मुख्यमंत्री का गुस्सा इतने भर से शांत नहीं हुआ। उन्होंने अधिकारियों को सुधरने का आखिरी मौका देते हुए यह संकेत दे दिया कि वह राज्य में बड़े प्रशासनिक बदलाव के मूड में हैं। इसके बाद मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, गृह सचिव सुधीर कुमार और डीजीपी पीके ठाकुर का चेहरा भी उतर गया।
मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि एक दूसरे के नाम पर बहानेबाजी नहीं चलेगी। ऊपर से लेकर नीचे तक की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि विधि-व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इसके लिए जो बदलाव करने होंगे, किए जाएंगे। नीतीश के इस तेवर के बाद माना जा रहा है कि पुलिस व जिला प्रशासन में बड़े पैमाने पर फेरबदल होंगे।