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नीतीश का मोदी को करारा जवाब, मजाक भी उड़ाया

Tue, 29 Oct 2013 03:50 PM IST
अमर उजाला, पटना
अमर उजाला, पटना Updated Tue, 29 Oct 2013 03:50 PM IST
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nitish attacks narendra modi in chintan shivir

जनता दल युनाइटेड के चिंतन शिविर में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी नरेंद्र मोदी पर करारा जवाबी हमला बोला।

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नालंदा के राजगीर में आयोजित चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए नीतीश ने अपने भाषण की शुरुआत बिहार के विकास को लेकर हो रही कोशिश से की। उसके बाद पटना बम धमाकों पर बोले और फिर मोदी पर तीखे शब्दबाण छोड़े।
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नीतीश ने मोदी का नाम बिना लिए कहा, "धमाकों की खबर मिलते ही मैंने मुंगेर जाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया और टेलीविजन के सामने बैठ गया, ताकि पल-पल की जानकारी मिलती रहे। उस वक्त भाषण चल रहा था, मैं भी सुनने बैठ गया।"
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'कल मुझ में गुण थे, आज दोषी हूं मैं'

बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा, "राजनीति में लड़ाई होती रहती है। वे (भाजपा) मेरे बारे में कल क्या कहते थे और आज कहते हैं, सब रिकॉर्ड में है। हम इस चक्कर में नहीं पड़ते। कल मुझ में गुण नजर आते थे, आज दोष नजर आते हैं। खैर, मैं इस चक्कर में नहीं पड़ता। यह सब उन्हें मुबारक।"

नीतीश ने मोदी के इतिहास ज्ञान पर सवाल उठाते हुए कहा, "मैं साधारण हूं, कोई मेरे बारे में कुछ भी बोल सकता है। रैली में क्या-क्या नहीं कहा गया। मैं भी भाषण सुनने लगा। इतिहास का अद्भुत ज्ञान है उन्हें। चंद्रगुप्त, गुप्त वंश के हो गए, जबकि वह मौर्य वंश के थे। मुझे अचरज हो रहा था।"

मोदी के इतिहास ज्ञान पर तंज
उन्होंने कहा, "उन्होंने सिकंदर को गंगा नदी के पास तक पहुंचा दिया, जबकि वह वहां तक पहुंचा ही नहीं था। तक्षशिला बिहार में पहुंचा दिया, जबकि वह अब पाकिस्तान में है।"

बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा, "पानी पी पीकर मुझे कोसा गया। कितनी बार पसीना पोंछा गया? क्या हुआ, जो इतना पसीना आ रहा था? जो पीएम बनना चाहता है, उसे धैर्यवान होना चाहिए। उसमें उतावलापन नहीं दिखना चाहिए। विरोधियों की आलोचना की जानी चाहिए।"

'हम उनके गेस्ट नहीं थे'
नीतीश ने कहा, "जैसे ब्लोअर की हवा बनाई जा रही है, वैसी ही बनावटी बातें कही जा रही हैं। कहा गया कि गुजरात में हम उनके साथ थे। हम उनके गेस्ट नहीं थे। बिहार के जज के घर कार्यक्रम था। हम भी गेस्ट थे और वह भी गेस्ट थे।"

उन्होंने कहा, "हां, वहां जाकर यह जरूर पता लगा कि गुजरात में आइसक्रीम की खपत बहुत है। यह पता था कि वहां मीठा बहुत खाया जाता है। लेकिन उन पर मीठा खाने का असर भी होना चाहिए। उनकी जबान मीठी नहीं। तीखी है। राजनीति में तीखी सी तीखी बात मीठे अंदाज में कही जाती है।"

'जेपी, बीजेपी की तुकबंदी करते हैं'
नीतीश ने कहा, "उनका कहना है कि हमने जेपी को छोड़ दिया, तो बीजेपी को क्यों नहीं छोड़ेंगे। जेपी से बीजेपी की तुकबंदी थी, तो तुकबंदी छेड़ दी। उनकी रैली का नाम था हुंकार। डिक्शनरी में देख लीजिए इस शब्द का मतलब। हुंकार का मतलब है दंभ के साथ ऊंची आवाज में अपनी बात कहना। दंभ से अहंकार झलकता है। यह फासीवादी बातें करते हैं।"

नीतीश कुमार ने अपने एक घंटे चले भाषण में नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने रविवार को पटना में दिए मोदी के भाषण पर चुन-चुनकर जवाब दिया।

'हम भेद खोल दें?'
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा, "हम भेद खोल दें। बोलेंगे फिर कभी, पर आज संकेतों में ही कहेंगे। हमसे किसने कहा था कि गडकरी हमसे बात करना चाहते हैं। गडकरी तब पार्टी के अध्यक्ष थे, उनकी बात क्या करें। उन्हें खुद हटा दिया गया।'

नीतीश ने कहा, "तब लालकृष्ण आडवाणी ने हमसे कहा कि हम बात करते हैं। फिर हमने कहा कि वह वक्त गुजर गया। आपकी कोई सुनता नहीं।"

फासीवाद को बढ़ावा
नीतीश ने अपने भाषण में कहा, "भाषण की भाषा सुनिए। वह कहते हैं कि चुन-चुन कर साफ करोगे? यह कैसी भाषा है भाई। लोकतंत्र में चुन-चुन कर साफ नहीं किया जाता, विरोधियों को हराया जाता है।"


उन्होंने कहा, "यह फांसीवाद है। और जहां फांसीवाद होता है उसका नेता हिटलर हो जाता है।"

बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा, "लोकतंत्र रहेगा तो आप लिख रहे हैं। इमरजेंसी में हम जेल में थे। जीवन में जवानी के दिन जेल में बीते तो क्या होगा। कहा जा रहा है कि चुन-चुन कर साफ करेंगे तो इसका क्या अर्थ है? मैं कहता नहीं हूं। काम करता हूं। सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखना है। अगर ऐसा हुआ, तो किसी की दाल नहीं गलेगी। PM का सपना पूरा नहीं होगा।"

'हम साधारण घर से'
नीतीश ने साधारण परिवार से आने की बात पर भी मोदी को घेरा। उन्होंने कहा, "हमको तर्जुबा नहीं है स्टेशन पर चाय बेचने का। पर हम भी साधारण घर से आए हैं। पिताजी वैद्य थे और माता खेतों में काम करती थीँ। हम भी पिता के पास बैठकर दवाई की पुड़ियां बांधते थे। आज भी बांध दें, तो आसानी से खुलेगा नहीं। हम भी स्वतंत्रता सेनानी के घर से आए हैं।"

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