फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   nitish and lalu

विधानसभा चुनाव भी साथ लड़ेंगे नीतीश और लालू!

Fri, 23 May 2014 03:35 PM IST
Updated Fri, 23 May 2014 03:35 PM IST
विज्ञापन
nitish and lalu

संकट में सांप और चूहे की एक ही नाव पर सवारी संबंधी कहावत बिहार की राजनीति में चरितार्थ होती दिख रही है। आम चुनाव में मोदी लहर में करीब-करीब सूपड़ा साफ हो जाने के बाद भावी संकट को भांपते हुए राज्य में एक दूसरे के विरोध की राजनीति करने वाले दो दिग्गजों नीतीश कुमार और लालू प्रसाद ने हाथ मिला लिए हैं।

विज्ञापन


इसे जदयू अध्यक्ष शरद यादव की मोदी के विरोध में राज्य में पुराने समाजवादियों को एकजुट करने की मुहिम की ठोस शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि ये दोनों दल अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ने की योजना पर भी विचार कर रहे हैं। हालांकि सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद लालू ने फिलहाल इससे इनकार किया है।

विज्ञापन

राबड़ी जा सकती हैं राज्यसभा

nitish and lalu

राजद की नीतीश के इस्तीफे के बाद गठित मांझी सरकार को समर्थन से शुरू हुई नई दोस्ती को मजबूती देने के लिए दोनों दल राज्यसभा उपचुनाव में भी हाथ मिला सकते हैं। खासतौर पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की योजना इस नई दोस्ती के सहारे अपनी पत्नी राबड़ी देवी को राज्यसभा भेजने की है।

राज्य में जल्द ही राज्यसभा की तीन सीटों के लिए उपचुनाव होने हैं। लोकसभा चुनाव जीतने के कारण राज्यसभा के सदस्य राजीव प्रताप रूडी, रामकृपाल यादव और रामविलास पासवान को इस्तीफा देना होगा। उपचुनाव में अगर भाजपा विरोधी दलों ने हाथ मिलाया तो उन्हें दो सीटें हासिल हो सकती हैं।

नीतीश भी जाएंगे राज्यसभा!

nitish and lalu

माना जा रहा है कि जदयू इनमें से एक सीट राजद को नई दोस्ती के तोहफे के रूप में देगा। जबकि दूसरी सीट से खुद नीतीश या शरद या जदयू का कोई अन्य उम्मीदवार उच्च सदन पहुंचेगा। कुछ जानकार इस समझौते को एक बड़ी राजनीतिक लड़ाई की शुरुआत बता रहे हैं तो कुछ इसे चुनाव में भाजपा के साथ गए सवर्ण वोटों के खिलाफ जदयू-राजद की महज मिश्रित लामबंदी मानते हैं।

पुराने जनता दल के नेताओं के बीच समझौते पर लालू का कहना है कि समन्वय की जिम्मेदारी सबकी है। मंडल वालों पर हमला हो रहा है, ऐसे में एकजुटता समय की मांग है। वैसे हमारा सांप्रदायिक शक्तियों के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। राजनीतिक विश्लेषक अनंत कुमार का कहना है कि यह राजनीति बिहार से ही शुरू हो सकती है।

विज्ञापन

लालू के पड़ोसी होंगे नीतीश

nitish and lalu

राजनीति में एक दूसरे के कड़े प्रतिद्वंद्वी लालू यादव और नीतीश कुमार अब पड़ोसी होंगे। लोकसभा चुनाव में जद (यू) की करारी हार की वजह से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे चुके नीतीश सर्कुलर रोड के बंगला नंबर 7 में रहेंगे।

जबकि 10, सर्कुलर रोड पर राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी का आवास है। लालू यहीं रहते हैं। नीतीश कुमार जल्द ही मुख्यमंत्री निवास, 1 अणे मार्ग छोड़ देंगे।

वह यहां नौ साल तक रहे। 7 सर्कुलर रोड के बंगले में इस समय राज्य के मुख्य सचिव अशोक कुमार सिन्हा रह रहे हैं। सिन्हा को जून के आखिर में रिटायर होना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed