PFI Row: पूर्वी चंपारण से NIA ने मदरसा शिक्षक को उठाया, पीएफआई आतंकी मॉड्यूल मामले में एक और गिरफ्तारी
'आतंकवादी मॉड्यूल' का खुलासा करते हुए पटना पुलिस ने कहा था कि जल्लाउद्दीन और परवेज स्थानीय लोगों को तलवार और चाकुओं का इस्तेमाल करना सिखा रहे थे। इतना ही नहीं वे उन्हें सांप्रदायिक हिंसा के लिए उकसा रहे थे।
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बिहार के पटना में आतंकी माड्यूल का भंडाफोड़ होने के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने मंगलवार को एक मदरसा शिक्षक असगर अली को गिरफ्तार किया है। संदिग्ध को पूर्वी चंपारण जिले से गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी भी पटना पीएफआई मामले से संबंधित है। गौरतलब है कि आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां लगातार बिहार व उसके आसपास के राज्यों में छापेमारी कर रही है।
क्या था मामला
'आतंकवादी मॉड्यूल' का खुलासा करते हुए पटना पुलिस ने कहा था कि जल्लाउद्दीन और परवेज स्थानीय लोगों को तलवार और चाकुओं का इस्तेमाल करना सिखा रहे थे। इतना ही नहीं वे उन्हें सांप्रदायिक हिंसा के लिए उकसा रहे थे। पुलिस ने यह भी बताया था कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के पीएफआई से संबंध हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास से इस्लामी चरमपंथ से जुड़े कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
पुलिस ने कहा कि उन्होंने जल्लाउद्दीन और परवेज के खिलाफ तलाशी अभियान के बाद अंग्रेजी में लिखे दो पैम्फलेट-इंडिया 2047: टुवर्ड्स रूल ऑफ इस्लामिक इंडिया और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया, 20 फरवरी 2021 को बरामद किया था। यूपी के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने कहा था कि मामले में गिरफ्तार किए गए तीसरे आरोपी नूरुद्दीन ने पूछताछ के दौरान कबूल किया कि वह 2015 में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के दरभंगा जिलाध्यक्ष के संपर्क में आया था और तब से संगठन से जुड़ा हुआ है।