आम-लीची पर भिड़े बिहार के सीएम और पूर्व सीएम
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बिहार में नीतीश और मांझी के बीच चल रही तकरार अब नए मोड़ पर आ गई है। मुख्यमंत्री आवास में रह रहे मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कुछ ऐसे आरोप लगा दिए हैं जिनके बाद राजधानी की राजनीतिक फिजा फिर तल्ख हो गई है।
दोनों ओर से जमकर आरोप प्रत्यारोप का दौर चालू है। पूर्व सीएम मांझी ने जहां कल नीतीश पर आरोप लगाकर तुच्छ राजनीति करने के आरोप मढ़ दिए वहीं आज नीतीश ने पलटवार करते हुए मांझी के आरोपों पर करारा जवाब दिया।
मांझी ने भी जवाब देने में देरी नहीं की और नीतीश के बहाने इस बार लालू को भी लपेट लिया। अब आप खुद जान लीजिए क्या हैं वो आरोप और क्या है वो मामला जिसने दोनों दलों को फिर एक मुद्दा दे दिया है।
मांझी का आरोप फल न तोड़ने ले कोई इसलिए लगाए पुलिसकर्मी
पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी पद छोड़ने के बाद भी फिलहाल मुख्यमंत्री आवास में ही रह रहे हैं। वन अणे मार्ग स्थित काफी बड़े क्षेत्रफल में बने इस आवास में आम और लीची सहित विभन्न फलों के 100 के करीब पेड़ हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और उनकी पार्टी हिंदूस्तानी अवाम मोर्चा ने यह कहकर सनसनी मचा दी कि नीतीश सरकार ने दो दर्जन पुलिसकर्मियों को मुख्यमंत्री आवास में तैनात किया है जिससे वो इन पेडों के पके हुए फलों को न तोड़ सकें।
मांझी के अनुसार हथियारों से लैस पुलिसकर्मियों को बकायदा हर पेड़ की निगरानी के लिए कहा गया है, जिसके कारण वह इन पेडों के फलों का आनंद न उठा पाए।
नीतीश बोले तुच्छ मुद्दा, पता होता तो खुद भिजवा देते आम
हम के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने आरोप लगाया कि आठ सब इंस्पेक्टरों और 16 कांस्टेबिलों सहित कुल 24 पुलिसकर्मी मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा करने की बजाय इन पेडों की सुरक्षा में लगे हैं।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार पुलिसकर्मियों से बातचीत में उन्होंने बताया कि उनकी ड्यूटी इस बात के लिए लगाई है कि कोई भी पेडों से फल न तोड़ सके। दानिश रिजवान ने इसे एक दलित नेता का अपमान बताते हुए नीतीश कुमार से माफी मांगने की मांग की है।
वहीं राजद के उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने इस पर कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था में सुधार करने के बजाय फलों की रखवाली पर ध्यान केन्द्रीत किया जा रहा है। वहीं भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा कि यह बड़ा विचित्र है कि कोई व्यक्ति पेडों से फल तोड़कर न खा ले इसके लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
लालू के बहाने मांझी ने फिर साधा नीतीश पर निशाना
वहीं राज्य की राजनीति में यह मुद्दा गर्माने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी इस पर सफाई दी। नीतीश ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर मांझी को ही घेरने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि हम अवाम की सुरक्षा में लगे हुए हैं और उनका ध्यान आम पर है।
नीतीश ने कहा कि मुझे इस मुद्दे पर कोई जानकारी नहीं है, मुझे खुद कुछ समाचार पत्रों में पढ़कर इसके बारे में पता चला है। मैंने इस संबंध में डीजीपी से बात की तो उन्होंने भी जानकारी से इंकार किया है। नीतीश ने कहा यह बहुत ही तुच्छ मुद्दा है, अगर हमें पता होता तो हम खुद ही आम तोड़कर मांझी के लिए भिजवा देते।
वहीं इस बात से भन्नाए मांझी ने फिर लालू के सहारे नीतीश पर वार कर दिया। लालू के मुख्यमंत्री पद के प्रस्ताव पर मांझी ने कहा कि अगर लालू नीतीश से समर्थन वापिस लेते हैं तो उनसे गठबंधन के मुद्दे पर बात की जा सकती है।