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'मेरे अंदर लालू की बातों को हजम करने की हिम्मत है'
पटना/एजेंसी
Updated Mon, 20 May 2013 08:09 PM IST
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की कथित तौर पर उनपर की गई अमर्यादित टिप्पणी को लेकर कहा है कि वे ऐसी बातों को हजम करने की हिम्मत रखते हैं।
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नीतीश ने कहा कि मैं तो इस तरह की टिप्पणी बर्दाश्त कर जाऊंगा, लेकिन जो ऐसा नहीं कर पाएंगे, वह कोर्ट जरूर जाएंगे।
वहीं, लालू यादव की अमर्यादित टिप्पणी को लेकर जदयू के एमएलसी संजय सिंह ने उनके खिलाफ मानहानि का आपराधिक मामला दर्ज कराया है।
गौरतलब है कि लालू यादव ने 15 मई को परिवर्तन रैली के दौरान नीतीश और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए कथित तौर पर अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया था।
वहीं, दूसरी तरफ नीतीश कुमार ने एनडीए गठबंधन में दरार की अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा के साथ उनकी पार्टी जदयू का गठबंधन पहले की तरह ही बरकरार है।
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नीतीश ने कहा कि एनडीए गठबंधन पहले की तरह ही मजबूत है। गठबंधन में सभी को किसी भी मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त करने की संवैधानिक स्वतंत्रता हासिल है।
उनकी प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई कि जदयू और भाजपा के साथ रहने पर वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में बिहार में एनडीए की सीटें बढ़ने और अलग होने पर दोनों दलों को नुकसान होने के आसार हैं। बिहार में एनडीए के पास 40 में से 34 लोकसभा सीटें हैं, जिनमें से 22 जदयू के पास और 12 भाजपा के पास हैं।
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इससे पूर्व जब उनसे पूछा गया था कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को अगर भाजपा प्रधानमंत्री पद के लिए आगे करती है, तो एनडीए का भविष्य क्या होगा, तो उन्होंने कहा था, ‘हमें अगर या मगर के फेर में नहीं पड़ना चाहिए। कल किसने देखा है।’ इसके बाद ही दोनों दलों के अलग होने की अटकलें तेज हो गई थी।
हालांकि उन्होंने इस पर कहा कि यह बयान उन्होंने आम संदर्भ में दिया था। उन्होंने कहा कि जब जीवन का ही कोई ठिकाना नहीं है, तो भविष्य के बारे में हम क्या कह सकते हैं।
भाजपा सांसद कीर्ति आजाद द्वारा उन्हें झिड़के जाने का आरोप लगाए जाने के बारे में नीतीश ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं हुई है। अखबार में आजाद के बयान को देखकर मुझे पीड़ा पहुंची है। इस मुद्दे को अलग ढंग से लिया गया।
गौरतलब है कि कीर्ति आजाद ने आरोप लगाया था कि उन्हें जल भराव के मुद्दे पर बोलने नहीं दिया गया। इस पर नीतीश ने कहा कि इस तरह की बैठक में सांसद को बुलाने पर फैसला करना सरकार का अधिकार है।