Bihar News: नेपाल के भंसार फैसले पर मधेस में उबाल; टैक्स विरोध में सड़कों पर उतरे लोग, नारों से गूंजा इलाका
East Champaran News: नेपाल सरकार के 100 रुपये से अधिक सामान पर भंसार लगाने के फैसले के खिलाफ मधेस क्षेत्र में विरोध तेज हो गया है। कलैया भरत चौक समेत कई इलाकों में प्रदर्शन हुए, जबकि आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
विस्तार
नेपाल सरकार द्वारा 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर भंसार (कर) लगाने के फैसले के खिलाफ मधेस क्षेत्र में विरोध तेज हो गया है। भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में लोगों का आक्रोश अब सड़कों पर दिखने लगा है। फैसले के विरोध में विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं और लोगों में नाराजगी बढ़ती नजर आ रही है।
कलैया भरत चौक पर जुटी बड़ी भीड़
पूरी खबर पूर्वी चंपारण जिले के आदापुर के पास नेपाल के बारा जिला मुख्यालय स्थित कलैया भरत चौक की है, जहां बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों में युवा, व्यापारी और आम नागरिक शामिल हैं, जो सरकार के इस फैसले को जनविरोधी बता रहे हैं। लोगों की मौजूदगी से क्षेत्र में हलचल का माहौल बना रहा।
नारों से गूंजा प्रदर्शन स्थल
प्रदर्शन के दौरान “मुर्दाबाद” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। लोगों का कहना है कि यह फैसला गरीब और मध्यम वर्ग के लिए आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला है। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग दैनिक जरूरतों के लिए छोटे स्तर पर भारत-नेपाल व्यापार पर निर्भर हैं, ऐसे में इस तरह का टैक्स उनके जीवन पर सीधा असर डाल रहा है।
गृहमंत्री के खिलाफ भी जताई नाराजगी
प्रदर्शनकारियों ने नेपाल की सरकार, विशेषकर गृहमंत्री के खिलाफ भी नाराजगी जाहिर की। उनका आरोप है कि सरकार बिना जनता की समस्याओं को समझे ऐसे फैसले थोप रही है। लोगों ने कहा कि आम नागरिकों की परेशानियों को नजरअंदाज कर नीतियां लागू करना उचित नहीं है।
पढ़ें- इलाज न मिलने से मौत: 24 घंटे खुले में पड़ा रहा UP के इम्तियाज का शव, सरकारी अस्पताल और पुलिस ने झाड़ा पल्ला
अन्य जिलों में भी फैल रहा विरोध
विरोध की यह चिंगारी अब धीरे-धीरे अन्य जिलों में भी फैल रही है। वीरगंज, जनकपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में प्रदर्शन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। कुछ स्थानों पर बाजार बंद कराने की कोशिशें भी की गई हैं, जिससे स्थिति तनावपूर्ण होती जा रही है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही इस फैसले को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और इसे व्यापक जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा। इससे आने वाले समय में विरोध और व्यापक होने की संभावना जताई जा रही है।
प्रशासन हालात पर रखे हुए है नजर
फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है, लेकिन बढ़ते असंतोष को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। स्थानीय स्तर पर हालात को नियंत्रित रखने की कोशिशें जारी हैं।