Bihar Accident: सीतामढ़ी में बड़ा नाव हादसा टला, बागमती नदी में पलटी नाव; सभी यात्री सुरक्षित
सीतामढ़ी के खड़का घाट पर बागमती नदी में ओवरलोड नाव पलट गई। नाव में सवार 35-40 यात्रियों को स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने साहस दिखाकर सुरक्षित बचा लिया। घटना के बाद प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
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बिहार के सीतामढ़ी जिले में रविवार को एक बड़ा नाव हादसा टल गया। रुन्नीसैदपुर प्रखंड स्थित बागमती नदी के खड़का घाट पर 35 से 40 यात्रियों को लेकर नदी पार कर रही एक नाव बीच धारा में असंतुलित होकर पलट गई। नाव पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और घाट पर अफरातफरी का माहौल बन गया।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने साहस और तत्परता का परिचय देते हुए नदी में छलांग लगा दी। तैरना जानने वाले कुछ यात्री खुद ही किनारे पहुंच गए, जबकि महिलाओं, बच्चों और तैरना न जानने वाले लोगों को ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
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खड़का घाट बागमती नदी के दोनों किनारों पर बसे दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। यहां स्थायी पुल नहीं होने के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, छात्र और छोटे व्यापारी नाव के सहारे आवाजाही करते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पर्याप्त और सुरक्षित नावों की कमी के चलते कई नाविक अधिक कमाई के लालच में क्षमता से अधिक यात्रियों और सामान को नाव पर बैठा लेते हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बना रहता है।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खड़का घाट पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की शिकायत कई बार प्रशासन से की गई, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने मांग की है कि घाट पर बड़ी और सुरक्षित नावों का संचालन सुनिश्चित किया जाए, ओवरलोडिंग करने वाले नाविकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो तथा सभी नावों पर लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण अनिवार्य किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।