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Bihar: इस गलती के कारण एसपी ने 19 थानों के महिला हेल्प डेस्क प्रभारियों से मांगा जवाब, जानें पूरा मामला
Sun, 04 Jan 2026 08:38 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Sun, 04 Jan 2026 08:38 AM IST
सार
सीतामढ़ी जिले में महिला सुरक्षा से जुड़े कार्यों में लापरवाही को लेकर पुलिस अधीक्षक अमित रंजन ने कड़ा रुख अपनाया है। महिला हेल्प डेस्क की जिम्मेदारी को गंभीरता से नहीं लेने और अनिवार्य ऑनलाइन समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने के मामले में 19 थानों के महिला हेल्प डेस्क प्रभारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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सीतामढ़ी एसपी अमित रंजन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सीतामढ़ी से बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आई है। जिले में महिला सुरक्षा से जुड़े कार्यों में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर अब सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। महिला हेल्प डेस्क की जिम्मेदारी को गंभीरता से नहीं लेने वाले थानों के प्रभारियों पर पुलिस अधीक्षक अमित रंजन ने कड़ा रुख अपनाया है। निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं करने और अनिवार्य समीक्षा बैठक में शामिल नहीं होने के मामले में जिले के अनुसूचित जाति/जनजाति थाना, भूतही, बोखड़ा, नानपुर, पुनौरा, मेहसौल, सहियारा और सुरसंड थाना को छोड़कर बाकी 19 थानों के महिला हेल्प डेस्क प्रभारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
जानकारी के अनुसार, पहले से ही सभी थानों के महिला हेल्प डेस्क प्रभारियों को निर्देश दिया गया था कि वे हर दिन दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक गूगल मीट के माध्यम से होने वाली ऑनलाइन बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल होंगे। इसके बावजूद 29 दिसंबर को आयोजित बैठक में केवल कुछ ही थाने जुड़े, जबकि 19 थानों के प्रभारी बिना सूचना के अनुपस्थित रहे। इस लापरवाही पर पुलिस अधीक्षक अमित रंजन ने गहरी नाराजगी जताई और इसे गंभीर कर्तव्यहीनता बताया।
पढ़ें: वैशाली में हत्याकांड के तीन आरोपी गिरफ्तार, पिकनिक मनाने आए युवक की हुई थी पीट-पीटकर हत्या
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महिला सुरक्षा पर लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
एसपी अमित रंजन ने साफ कहा है कि महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इसे आदेश की अवहेलना और अनुशासनहीनता करार देते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी गलती करने वाले अधिकारियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि महिला हेल्प डेस्क का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की समस्याओं की तुरंत सुनवाई और समाधान करना है, इसलिए इससे जुड़े अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
तीन दिन में देना होगा जवाब
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित 19 थानों के महिला हेल्प डेस्क प्रभारियों को तीन दिनों के भीतर लिखित जवाब देने का निर्देश दिया है। एसपी ने स्पष्ट कर दिया है कि तय समय में जवाब नहीं देने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई तय मानी जाएगी।
साथ ही सभी थानों को सख्त चेतावनी दी गई है कि आगे से महिला सुरक्षा से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया या बैठक में लापरवाही किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी।
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जानकारी के अनुसार, पहले से ही सभी थानों के महिला हेल्प डेस्क प्रभारियों को निर्देश दिया गया था कि वे हर दिन दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक गूगल मीट के माध्यम से होने वाली ऑनलाइन बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल होंगे। इसके बावजूद 29 दिसंबर को आयोजित बैठक में केवल कुछ ही थाने जुड़े, जबकि 19 थानों के प्रभारी बिना सूचना के अनुपस्थित रहे। इस लापरवाही पर पुलिस अधीक्षक अमित रंजन ने गहरी नाराजगी जताई और इसे गंभीर कर्तव्यहीनता बताया।
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महिला सुरक्षा पर लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
एसपी अमित रंजन ने साफ कहा है कि महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इसे आदेश की अवहेलना और अनुशासनहीनता करार देते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी गलती करने वाले अधिकारियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि महिला हेल्प डेस्क का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की समस्याओं की तुरंत सुनवाई और समाधान करना है, इसलिए इससे जुड़े अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
तीन दिन में देना होगा जवाब
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित 19 थानों के महिला हेल्प डेस्क प्रभारियों को तीन दिनों के भीतर लिखित जवाब देने का निर्देश दिया है। एसपी ने स्पष्ट कर दिया है कि तय समय में जवाब नहीं देने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई तय मानी जाएगी।
साथ ही सभी थानों को सख्त चेतावनी दी गई है कि आगे से महिला सुरक्षा से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया या बैठक में लापरवाही किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी।