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Bihar: BBA की टीम और पुलिस ने बच्चे को मानव तस्करों से कराया मुक्त; बाल श्रम के लिए ले जा रहे थे महाराष्ट्र
Mon, 12 Feb 2024 12:06 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Mon, 12 Feb 2024 12:06 PM IST
सार
Bihar Hindi News: पूर्व में बाल तस्करी से मुक्त एक 15 वर्ष के बच्चे को जबरन पकड़कर महाराष्ट्र में बाल श्रम के लिए ले जाने की पूरी तैयारी थी। लेकिन सूचना मिलते ही पुलिस ने बच्चे को बचपन बचाओ आंदोलन की टीम के सहयोग से मुक्त करवा लिया।
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बचपन बचाओं आंदोलन और पुलिस ने बच्चे को मानव तस्करों के चंगुल से छुड़ा लिया है
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार के सीतामढ़ी में बचपन बचाओ आंदोलन (BBA) की टीम ने मानव तस्करों की कोशिश को नाकाम कर दिया। इस टीम ने यहां बेला थाना क्षेत्र के एक गांव में बाल तस्करी से एक नाबालिग बच्चे को मुक्त कराया है।
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दरअसल, बच्चे को तस्करी के धंधे में ले जाने की कोशिश को पुलिस और बचपन बचाओ आंदोलन की टीम ने नाकाम कर दिया। पूर्व में बाल तस्करी से मुक्त एक 15 वर्ष के बच्चे को जबरन पकड़कर महाराष्ट्र में बाल श्रम के लिए ले जाने की पूरी तैयारी थी। लेकिन सूचना मिलते ही एएसपी सह नोडल विशेष किशोर पुलिस इकाई मनोज राम के दिशा-निर्देश पर बच्चे को बेला थाना के द्वारा बचपन बचाओ आंदोलन की टीम के सहयोग से मुक्त करवा लिया गया।
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जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष 2023 में भी सोनबरसा थाना क्षेत्र के दोस्तियां चौक से एक चौदह वर्ष के बच्चे की तस्करी बाल श्रम के लिए की जा रही थी। उसे मुक्त करवाकर तस्करों के खिलाफ सोनबरसा थाने में एफआईआर की गई थी। लेकिन आरोपी के भाई ने बेला थाना क्षेत्र के नरंगा बाजार से बच्चे को पकड़कर जयनगर में रख लिया था। फिर पूर्व में किए गए केस के बदले दो लाख रुपये देने की मांग बच्चे के परिजनों से की जा रही थी।
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आरोपी द्वारा बच्चे को महाराष्ट्र में बाल श्रम के लिए ले जाने की तैयारी थी। लेकिन सूचना मिलने पर एएसपी ने त्वरित मामले में संज्ञान लिया। उसके बाद बेला थाने द्वारा बचपन बचाओ आंदोलन की टीम के सहयोग से जयनगर से बच्चे को मुक्त करवाकर बाल कल्याण समिति सीतामढ़ी के आदेश से बाल गृह में भेजा गया है।