Bihar: छठ तक रुके फिर वोट डाला, अब लौट रहे हैं दिल्ली पंजाब और कोलकाता; प्रवासी बोले- अब यहीं रोजगार मिल जाए
Bihar News: दिल्ली लौट रहे कुमुद कुमार ने बताया कि मैं 18 अक्तूबर को दिवाली और छठ पर्व के लिए घर आया था। चुनाव को देखते हुए यहीं रुक गया। परिवार के साथ पर्व मनाने के बाद लोकतंत्र के महापर्व में भी हिस्सा लिया। अब कंपनी से बुलावा आ गया है, इसलिए वापस लौट रहा हूं।
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बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के मतदान के बाद अब लोग अपने-अपने काम पर लौटने लगे हैं। बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर और कर्मचारी फिर से दूसरे राज्यों की ओर जा रहे हैं। इनमें से कई लोगों ने बताया कि वे खास तौर पर मतदान के लिए बिहार में रुके थे, ताकि लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी निभा सकें।
लोगों में मतदान को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला। कई परिवारों ने पूरे जोश के साथ वोट डाला और अब वे इस उम्मीद के साथ अपने कार्यस्थल की ओर लौट रहे हैं कि नई सरकार बिहार में रोजगार की व्यवस्था करेगी, जिससे उन्हें रोजी-रोटी के लिए बाहर न जाना पड़े।
दिल्ली लौट रहे कुमुद कुमार ने बताया कि मैं 18 अक्तूबर को दिवाली और छठ पर्व के लिए घर आया था। चुनाव को देखते हुए यहीं रुक गया। परिवार के साथ पर्व मनाने के बाद लोकतंत्र के महापर्व में भी हिस्सा लिया। अब कंपनी से बुलावा आ गया है, इसलिए वापस लौट रहा हूं। उम्मीद है कि नई सरकार बिहार में ही रोजगार के अवसर पैदा करेगी। वहीं पंजाब लौट रहे अनिमेष चंद्र ने कहा कि सरकार ने कई क्षेत्रों में काम किए हैं और हमने उसी आधार पर मतदान किया है। अब हम लौट रहे हैं, लेकिन उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बिहार में ही स्थायी रोजगार की व्यवस्था हो जाएगी, ताकि हमें अपने परिवार को छोड़कर बाहर न जाना पड़े।
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कोलकाता जा रहे विजय कुमार सहनी ने कहा कि बिहार में सड़क और बिजली की स्थिति पहले से बेहतर हुई है, कनेक्टिविटी बढ़ी है, लेकिन रोजगार की समस्या अब भी बनी हुई है। छठ पर्व के बाद भी मैं यहीं रुका रहा ताकि मतदान कर सकूं। अब लौट रहा हूं इस उम्मीद के साथ कि नई सरकार बाहर काम करने जाने वाले लोगों के लिए बिहार में ही रोजी-रोजगार की व्यवस्था करे। प्रवासियों का कहना है कि बिहार में अगर उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ें, तो राज्य के युवाओं को पलायन नहीं करना पड़ेगा। वे चाहते हैं कि नई सरकार विकास के साथ-साथ रोजगार सृजन को भी प्राथमिकता दे।