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Bihar: निजी स्कूलों की अब खैर नहीं! कमिश्नर ने 310 निजी स्कूलों को दी चेतावनी; लौटानी होगी अतिरिक्त फीस
Sat, 16 May 2026 10:57 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Sat, 16 May 2026 10:57 PM IST
सार
तिरहुत प्रमंडल में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। 310 स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है, जबकि सुनवाई में शामिल नहीं होने वाले पांच स्कूलों पर एक-एक लाख रुपये जुर्माने की तैयारी शुरू हो गई है।
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प्रमंडलीय आयुक्त एक्शन
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
तिरहुत प्रमंडल में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि और अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम 2019 के उल्लंघन के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 310 निजी स्कूलों को नोटिस जारी किया है। वहीं, सुनवाई में शामिल नहीं होने वाले पश्चिम चंपारण के पांच निजी स्कूलों पर एक-एक लाख रुपये जुर्माना लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
प्रमंडलीय आयुक्त ने स्पष्ट कहा है कि जिन स्कूलों ने अभिभावकों से अतिरिक्त फीस वसूली है, उन्हें यह राशि वापस करनी होगी। यदि तत्काल राशि लौटाना संभव नहीं है तो आने वाले महीनों की फीस में समायोजित करना होगा।
अभिभावकों की शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ समय से अभिभावकों द्वारा लगातार निजी स्कूलों के खिलाफ शिकायतें की जा रही थीं। मीडिया रिपोर्ट और जनसंवाद कार्यक्रमों के दौरान भी फीस वृद्धि, परिवहन शुल्क, ड्रेस और किताबों की अनिवार्य खरीद को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद प्रमंडलीय आयुक्त ने तिरहुत प्रमंडल के सभी जिलों में निजी विद्यालयों की जांच कराने का निर्देश दिया था। जांच के दौरान प्रमंडल के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा गया। रिपोर्ट में कई स्कूलों द्वारा निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम 2019 के उल्लंघन की बात सामने आई।
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3212 स्कूलों की जांच
प्रशासन द्वारा तिरहुत प्रमंडल के कुल 3212 निजी विद्यालयों की जांच की गई। इनमें से 310 स्कूल विभिन्न अनियमितताओं के दोषी पाए गए। सबसे अधिक 72 स्कूल पश्चिम चंपारण जिले के बताए जा रहे हैं।
आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने कहा कि प्रशासन और शिक्षा विभाग लगातार पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
ये भी पढ़ें- Bihar: विवाहिता की संदिग्ध मौत से सनसनी! पति पर दूसरी महिला से संबंध का आरोप, मायके वालों ने लगाए गंभीर आरोप
कई स्कूलों ने मानी गलती
सुनवाई के दौरान कई निजी स्कूलों ने फीस वृद्धि की बात स्वीकार की। स्कूल प्रबंधन ने बढ़ाई गई फीस वापस लेने और संशोधित फीस संरचना को स्कूल की वेबसाइट और सूचना पट्ट पर प्रदर्शित करने की सहमति दी है। हालांकि, पश्चिम चंपारण के पांच स्कूल सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए और न ही कोई जवाब प्रस्तुत किया। इसके बाद प्रशासन ने इन स्कूलों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।
इन स्कूलों पर कार्रवाई की तैयारी
जिन स्कूलों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई है, उनमें संत करेंस विद्यालय बेतिया, संत थॉमस स्कूल चनपटिया, सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल नौतन सहित अन्य निजी विद्यालय शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं ताकि अभिभावकों के साथ किसी प्रकार की मनमानी न हो।
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प्रमंडलीय आयुक्त ने स्पष्ट कहा है कि जिन स्कूलों ने अभिभावकों से अतिरिक्त फीस वसूली है, उन्हें यह राशि वापस करनी होगी। यदि तत्काल राशि लौटाना संभव नहीं है तो आने वाले महीनों की फीस में समायोजित करना होगा।
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अभिभावकों की शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ समय से अभिभावकों द्वारा लगातार निजी स्कूलों के खिलाफ शिकायतें की जा रही थीं। मीडिया रिपोर्ट और जनसंवाद कार्यक्रमों के दौरान भी फीस वृद्धि, परिवहन शुल्क, ड्रेस और किताबों की अनिवार्य खरीद को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद प्रमंडलीय आयुक्त ने तिरहुत प्रमंडल के सभी जिलों में निजी विद्यालयों की जांच कराने का निर्देश दिया था। जांच के दौरान प्रमंडल के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा गया। रिपोर्ट में कई स्कूलों द्वारा निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम 2019 के उल्लंघन की बात सामने आई।
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3212 स्कूलों की जांच
प्रशासन द्वारा तिरहुत प्रमंडल के कुल 3212 निजी विद्यालयों की जांच की गई। इनमें से 310 स्कूल विभिन्न अनियमितताओं के दोषी पाए गए। सबसे अधिक 72 स्कूल पश्चिम चंपारण जिले के बताए जा रहे हैं।
आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने कहा कि प्रशासन और शिक्षा विभाग लगातार पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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कई स्कूलों ने मानी गलती
सुनवाई के दौरान कई निजी स्कूलों ने फीस वृद्धि की बात स्वीकार की। स्कूल प्रबंधन ने बढ़ाई गई फीस वापस लेने और संशोधित फीस संरचना को स्कूल की वेबसाइट और सूचना पट्ट पर प्रदर्शित करने की सहमति दी है। हालांकि, पश्चिम चंपारण के पांच स्कूल सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए और न ही कोई जवाब प्रस्तुत किया। इसके बाद प्रशासन ने इन स्कूलों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।
इन स्कूलों पर कार्रवाई की तैयारी
जिन स्कूलों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई है, उनमें संत करेंस विद्यालय बेतिया, संत थॉमस स्कूल चनपटिया, सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल नौतन सहित अन्य निजी विद्यालय शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं ताकि अभिभावकों के साथ किसी प्रकार की मनमानी न हो।