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Bihar: 'वैभव का दोस्त, मैदान का बेताज बादशाह', 13 साल के अयान ने 134 गेंदों में ठोके 327 रन, मचाई धूम
Sat, 14 Jun 2025 02:02 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Sat, 14 Jun 2025 02:02 PM IST
सार
बिहार के मुज़फ्फरपुर जिले के 13 वर्षीय अयान राज ने डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट लीग में 327 रन की नाबाद पारी खेलकर तहलका मचा दिया है। अयान ने यह पारी महज 134 गेंदों में खेली, जिसमें 41 चौके और 22 छक्के शामिल हैं।
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अयान राज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के 13 वर्षीय अयान राज ने डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट लीग में ऐतिहासिक पारी खेलते हुए 327 रन ठोक दिए। उन्होंने यह धमाकेदार पारी केवल 134 गेंदों में खेली, जिसमें 41 चौके और 22 छक्के शामिल हैं। अयान की यह पारी न सिर्फ उनकी उम्र के लिहाज से अविश्वसनीय है, बल्कि यह जिला क्रिकेट लीग के इतिहास में भी एक अनूठा कीर्तिमान बन गई है।
पहली बार किसी खिलाड़ी ने टूर्नामेंट में जड़ा ट्रिपल सेंचुरी
‘अंदर-14’ टूर्नामेंट में यह पहला मौका है जब किसी खिलाड़ी ने ट्रिपल सेंचुरी लगाई है। इससे पहले इस प्रतियोगिता में कोई भी खिलाड़ी 300 के आंकड़े को नहीं छू पाया था। अयान राज अब इस लीग में ट्रिपल सेंचुरी लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन चुके हैं।
'अयान में दिखता है वैभव सूर्यवंशी जैसा जुनून'
अयान के कोच अतुल प्रियंकर अपने छात्र की इस उपलब्धि पर बेहद गर्वित हैं। उन्होंने कहा, “अयान में वैभव सूर्यवंशी जैसी प्रतिभा और फोकस है। वो हर मैच में फोकस के साथ खेलता है और अब तक दर्जनों सेंचुरी लगा चुका है। उसकी तकनीक और समझ इतनी कम उम्र में गजब की है।” कोच ने यह भी बताया कि अयान पिछले पांच सालों से उनके मार्गदर्शन में क्रिकेट सीख रहा है और धीरे-धीरे एक प्रोफेशनल क्रिकेटर की तरह खुद को ढाल चुका है।
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यह भी पढ़ें: विमान हादसे में बाल-बाल बचा बिहार का मेडिकल स्टूडेंट, मां को बताया कैसे बची जान
'भारत के लिए खेलना और देश को गर्व दिलाना'
अपनी इस ऐतिहासिक पारी के बाद अयान ने कहा, “मेरा सपना है कि मैं भारत के लिए खेलूं और देश के लिए मेडल लाऊं। मैंने 8 साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू किया था। पढ़ाई में मेरा मन नहीं लगता था, इसलिए खुद को क्रिकेट में समर्पित कर दिया। वैभव सूर्यवंशी मेरे बचपन के दोस्त हैं और उन्हीं को देखकर मैं प्रेरित हुआ।” अयान फिलहाल आठवीं कक्षा का छात्र है और क्रिकेट में अपने भविष्य को लेकर बेहद गंभीर और समर्पित है।
दो परिवारों की दोस्ती से बना प्रेरणा का रिश्ता
अयान राज बिहार के समस्तीपुर के चर्चित क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के बचपन के दोस्त हैं। दोनों के पिता भी एक-दूसरे के अच्छे मित्र हैं। वैभव की सफलता ने अयान को शुरुआत से ही प्रेरित किया और अब अयान भी वैसा ही मुकाम हासिल करने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है। अयान की यह पारी न केवल मुज़फ्फरपुर या बिहार, बल्कि पूरे भारत के युवा क्रिकेटरों के लिए एक प्रेरणा है। कम उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धि ने उन्हें क्रिकेट की नई उम्मीद बना दिया है।
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पहली बार किसी खिलाड़ी ने टूर्नामेंट में जड़ा ट्रिपल सेंचुरी
‘अंदर-14’ टूर्नामेंट में यह पहला मौका है जब किसी खिलाड़ी ने ट्रिपल सेंचुरी लगाई है। इससे पहले इस प्रतियोगिता में कोई भी खिलाड़ी 300 के आंकड़े को नहीं छू पाया था। अयान राज अब इस लीग में ट्रिपल सेंचुरी लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन चुके हैं।
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'अयान में दिखता है वैभव सूर्यवंशी जैसा जुनून'
अयान के कोच अतुल प्रियंकर अपने छात्र की इस उपलब्धि पर बेहद गर्वित हैं। उन्होंने कहा, “अयान में वैभव सूर्यवंशी जैसी प्रतिभा और फोकस है। वो हर मैच में फोकस के साथ खेलता है और अब तक दर्जनों सेंचुरी लगा चुका है। उसकी तकनीक और समझ इतनी कम उम्र में गजब की है।” कोच ने यह भी बताया कि अयान पिछले पांच सालों से उनके मार्गदर्शन में क्रिकेट सीख रहा है और धीरे-धीरे एक प्रोफेशनल क्रिकेटर की तरह खुद को ढाल चुका है।
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'भारत के लिए खेलना और देश को गर्व दिलाना'
अपनी इस ऐतिहासिक पारी के बाद अयान ने कहा, “मेरा सपना है कि मैं भारत के लिए खेलूं और देश के लिए मेडल लाऊं। मैंने 8 साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू किया था। पढ़ाई में मेरा मन नहीं लगता था, इसलिए खुद को क्रिकेट में समर्पित कर दिया। वैभव सूर्यवंशी मेरे बचपन के दोस्त हैं और उन्हीं को देखकर मैं प्रेरित हुआ।” अयान फिलहाल आठवीं कक्षा का छात्र है और क्रिकेट में अपने भविष्य को लेकर बेहद गंभीर और समर्पित है।
दो परिवारों की दोस्ती से बना प्रेरणा का रिश्ता
अयान राज बिहार के समस्तीपुर के चर्चित क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के बचपन के दोस्त हैं। दोनों के पिता भी एक-दूसरे के अच्छे मित्र हैं। वैभव की सफलता ने अयान को शुरुआत से ही प्रेरित किया और अब अयान भी वैसा ही मुकाम हासिल करने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है। अयान की यह पारी न केवल मुज़फ्फरपुर या बिहार, बल्कि पूरे भारत के युवा क्रिकेटरों के लिए एक प्रेरणा है। कम उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धि ने उन्हें क्रिकेट की नई उम्मीद बना दिया है।