{"_id":"67a9fd290f2aca3967083193","slug":"motihari-news-more-than-20-children-fell-ill-after-taking-medicine-under-filaria-eradication-campaign-2025-02-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News: फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत दवा खाने के बाद 24 से ज्यादा बच्चे बीमार, अभिभावकों में मचा हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News: फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत दवा खाने के बाद 24 से ज्यादा बच्चे बीमार, अभिभावकों में मचा हड़कंप
Mon, 10 Feb 2025 06:50 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोतिहारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोतिहारी
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Mon, 10 Feb 2025 06:50 PM IST
सार
Motihari News: प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि बच्चों की स्थिति अब नियंत्रण में है और किसी को गंभीर खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि दवा खाने के बाद कुछ बच्चों को हल्की एलर्जी या रिएक्शन हो सकता है, लेकिन सभी बच्चों को समुचित उपचार दिया जा रहा है।
विज्ञापन
सभी बीमार बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मोतिहारी जिले के मधुबन प्रखंड के कोईलहरा मठ स्थित मध्य विद्यालय हिंदी में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत बच्चों को डीसी फोर्ट और अल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई थी। दवा खाने के बाद 24 से ज्यादा बच्चे बीमार पड़ गए। अचानक बच्चों की तबीयत बिगड़ने से स्कूल में अफरातफरी मच गई और परिजनों में हड़कंप हो गया।
विज्ञापन
सूचना मिलते ही मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और बीमार बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। वहां प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. इंद्रजीत कुमार और डॉ. अविनाश कुमार की देखरेख में बच्चों का इलाज जारी है।
विज्ञापन
कैसे बिगड़ी बच्चों की तबीयत?
जानकारी के मुताबिक, दोपहर दो से तीन बजे के बीच स्कूल में बच्चों को डीसी फोर्ट और अल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई। इसके कुछ देर बाद ही कई बच्चों को चक्कर, उल्टी और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। कुछ बच्चे बेहोश होने लगे, जिससे स्कूल प्रशासन और अभिभावकों में हड़कंप मच गया।
विज्ञापन
बच्चों का इलाज जारी
बीमार बच्चों में अंशु कुमारी, रंजन कुमार, अदिति कुमारी, ज्योति कुमारी, सांई राजा, साहिदा खातून, नबी हसन, आरबाज आलम, कुदुस आलम, लाड़ली प्रवीण, कुसमुन खातून, आन्या प्रवीण और सान्या रानी समेत कई विद्यार्थी शामिल हैं। सभी बच्चों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. इंद्रजीत कुमार ने बताया कि बच्चों की स्थिति अब नियंत्रण में है और किसी को गंभीर खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि दवा खाने के बाद कुछ बच्चों को हल्की एलर्जी या रिएक्शन हो सकता है, लेकिन सभी बच्चों को समुचित उपचार दिया जा रहा है।
अभिभावकों ने किया हंगामा
घटना के बाद बच्चों के परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल में हंगामा करने लगे। अभिभावकों ने प्रशासन से इस मामले की जांच की मांग की। स्थानीय अधिकारियों ने स्कूल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से पूरी घटना की रिपोर्ट तलब की है। मोतिहारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी और अगर लापरवाही पाई गई तो कार्रवाई होगी।
क्या होती है फाइलेरिया उन्मूलन दवा?
फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत डीसी फोर्ट और अल्बेंडाजोल दवा दी जाती है। यह दवा फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए दी जाती है। हालांकि, कभी-कभी यह दवा खाली पेट खाने से हल्की परेशानी हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों के परिजनों से न घबराने की अपील की है। डॉक्टरों के अनुसार, सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं और जल्द ही उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।