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Bihar News: सीएम नीतीश कुमार की घोषणा पर उनके अधिकारी ही लगा रहे ग्रहण, कैसे चालू होंगी बंद चीनी मिलें?

Tue, 20 Jan 2026 09:43 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोतिहारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोतिहारी Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Tue, 20 Jan 2026 09:43 PM IST
सार

Motihari News: समृद्धि यात्रा में मुख्यमंत्री ने चकिया चीनी मिल चालू करने की घोषणा की, लेकिन इससे पहले ही उसकी जमीन बिक्री की अनुमति और प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी। प्रशासनिक आदेशों और राजनीतिक घोषणा के विरोधाभास ने सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Nitish Kumar Samriddhi Yatra picture of administrative contradiction raised by sale of Chakia sugar mill land
बंद चीनी मिल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार में बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करने का निर्णय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट से लिया गया है। सीतामढ़ी की बंद रिगा चीनी मिल को पुनः चालू कर यह उदाहरण प्रस्तुत किया गया कि किस तरह 400 लोगों को प्रत्यक्ष और 32 हजार से अधिक लोगों को परोक्ष रोजगार मिला। मुख्यमंत्री के सात निश्चय पार्ट–3 में भी बंद चीनी मिलों को चालू करने का लक्ष्य तय किया गया है।

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समृद्धि यात्रा में चकिया चीनी मिल को लेकर घोषणा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 17 जनवरी को समृद्धि यात्रा के दौरान मोतिहारी पहुंचे थे। उन्होंने विकास कार्यों की समीक्षा के साथ गांधी मैदान में खुले मंच से घोषणा की कि पूर्वी चंपारण की बंद मोतिहारी और बारा चकिया चीनी मिल को किसानों के हित में फिर से चालू किया जाएगा। इस घोषणा से क्षेत्र के गन्ना किसानों में खुशी और उम्मीद जगी।
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जमीनी हकीकत में सामने आया विरोधाभास
मुख्यमंत्री की घोषणा के अमल की स्थिति जानने पर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। पता चला कि जिस समय मुख्यमंत्री चकिया चीनी मिल को चालू करने की बात कर रहे थे, उससे पहले ही प्रशासनिक स्तर पर उसकी जमीन बेचने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी। जिला निबंधन कार्यालय मोतिहारी में 14 जनवरी को चकिया चीनी मिल की जमीन आठ लोगों के नाम बेची गई।
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चीनी मिल के जमीन का डीड ,चीनी मिल ,मोतिहारी डीएम
 
डीएम कोर्ट के आदेश से पहले ही तय हो चुकी थी बिक्री
तहकीकात में यह भी सामने आया कि मोतिहारी के डीएम सौरभ जोरवाल ने अपने न्यायालय में चल रहे भू-हदबंदी वाद संख्या 1/2018 में 27 मई को ही चकिया चीनी मिल की जमीन बेचने का आदेश दे दिया था। यानी मुख्यमंत्री की घोषणा से करीब सात माह पहले ही जमीन बिक्री की अनुमति दी जा चुकी थी।

चीनी मिल के जमीन का डीड ,चीनी मिल ,मोतिहारी डीएम
 
घोषणा और प्रशासनिक आदेशों के बीच सवाल
इस स्थिति के बाद यह सवाल उठ रहा है कि जब चकिया चीनी मिल की जमीन बेचने का आदेश पहले ही दिया जा चुका था और मुख्यमंत्री के आगमन से तीन दिन पहले जमीन की बिक्री भी शुरू हो गई थी, तो मुख्यमंत्री को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई। यदि यह तथ्य पहले बताया गया होता, तो संभव है कि मुख्यमंत्री खुले मंच से ऐसी घोषणा न करते या इस संबंध में कोई ठोस निर्देश देते।

 

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